कश्मीर में महबूबा मुफ्ती सरकार ने धार्मिक यात्रा पर लगाई रोक
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महबूबा मुफ्ती सरकार ने मध्य कश्मीर के बडगाम क्षेत्र में अभिनव गुप्त यात्रा को मंजूरी देने से साफ मना कर दिया है। जिसके बाद अभिनव गुप्त यात्रा पर रियासत में सियासत गरमा गई है। अलगाववादी विरोध कर रहे हैं तो कांग्रेस ने स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। राज्य सरकार का कहना है कि इस तरह के किसी यात्रा की सरकार के पास जानकारी नहीं है। इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। इस बीच शुक्रवार को राज्य विधान परिषद में भी इस मुद्दे पर हंगामा किया गया।
विधान परिषद में भाजपा के एमएलसी रमेश अरोड़ा, अशोक खजुरिया और विबोध गुप्ता ने इस मुद्दे पर हंगामा किया। उनका कहना था कि सरकार अलगाववादियों के दबाव में यात्रा को रोकने की तैयारी कर रही है।
अभिनव गुप्त की गुफा हिंदुओं के लिए पवित्र स्थान है और यहां जाने से उन्हें रोका नहीं जा सकता है। सदन में मौजूद डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह के समझाने पर एमएलसी अपनी कुर्सी पर बैठे।
भाजपा का आरोप, अलगाववादियों के दबाव में रोकी हई यात्रा
भाजपा के प्रदेश महासचिव हरिंद्र गुप्ता ने कश्मीर घाटी में कुछ लोगों द्वारा अभिनव गुप्त यात्रा का विरोध करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि घाटी में अलगाववादियों द्वारा लोगों को यात्रा के बारे में भ्रमित करने की कोशिश हो रही है।
यात्रा कश्मीर घाटी में आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भाव बढ़ाने के लिए है, न कि शांति भंग के लिए। यह यात्रा कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है। जो इसका विरोध कर रहे हैं, वे कश्मीरियत का विरोध कर रहे हैं। सैय्यद अली शाह गिलानी और अन्य को हजारों साल पहले की कश्मीरी संस्कृति पर विश्वास ही नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने अभिनव गुप्त यात्रा पर भाजपा को अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। सरकार में रहते हुए भाजपा अभिनव गुप्त यात्रा को कश्मीर में रोक रही है और संगठन अभिनव गुप्ता यात्रा को रोके जाने का विरोध कर रहा है और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बता रहा है।
भाजपा का सरकार के अंदर और पार्टी स्तर पर अलग अलग चेहरा लोगों को भ्रमित करता रहा है। इस बार भी भाजपा दोहरा चेहरा लेकर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।