जम्मू-कश्मीर फतह के लिए युवाओं और किसानों को साध गये मोदी, निशाने पर बस कांग्रेस
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विजयपुर में 45 मिनट के अपने भाषण में मोदी ने लोकसभा चुनाव के सियासी समीकरण को साधने के साथ ही विधानसभा चुनाव को फतह करने के लिए भी तीर चला दिया। मोदी ने किसानों के लिए भाजपा को सबसे बड़ी हमदर्द पार्टी बताया तो अपने पूरे भाषण से संकेत दे दिय कि भाजपा रिसासत में लोकसभा और विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे को लेकर ही लड़ेगी। पीएम मोदी का संबोधन पूरी तरह से किसानों और युवाओं को साधने वाला रहा। युवाओं को शिक्षा रोजगार में बेहतर अवसर दिये जाने की बात कही तो किसानों को अपनी नीति से कर्जमुक्त होना बताया। अपने अंदाज से उन्होंने कश्मीरी पंडितों के प्रति सहानुभूति दिखायी तो अपने तेवर से पाकिस्तान को भी खबरदार किया। उन्होंने साफ किया कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियान को बंद नहीं करेगी। मोदी अपने भाषण के 50 फीसदी समय में किसानों पर तो 40 फीसदी समय युवाओं पर केंद्रित रहे।
भारत माता की जय से अपना संबोधन शुरू करके भारत माता की जय पर ही खत्म किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत डोगरी भाषा में करके डुग्गर वासियों का दिल जीतने की भरपूर कोशिश की तो मंच से दो बार माता वैष्णो देवी व जम्मू की बावे वाली माता को नमन करके लोगों को भावनात्मक तौर पर पार्टी से जोड़ने के लिए प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जम्मू में एक बार फिर आना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें ताकत मिलती है।
इसके बाद उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और नीतियां बतायी। युवाओं की शिक्षा, रोजगार, लोगों की स्वास्थ्य सेवा, सड़क यातायात, बिजली परियोजना के माध्यम से अपनी सरकार की योजनाओं को जानकारी के साथ साथ पिछले 70 सालों में सरकारों की नाकामी भी बतायी। रैली में आधे से ज्यादा युवाओं की संख्या को देखते हुए मोदी जोश में दिखे। अपने संबोधन के बीच मोदी ने युवाओं को नारा लगाने का मौका भी दिया। कर्ज के मामले में कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए लोगों से हामी भरवाई की उनको कांग्रेस की नीतियां पसंद नहीं हैं। उन्होंने कर्जमाफी को कांग्रेसे के लिए चुनावी बुखार बताया। कश्मीरी पंडितों की नब्ज पर हाथ रखते हुए प्रधान मंत्री ने विस्थापित समुदाय को सम्मान देने की बात कही। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत विस्थापितों को रोजगार देने की बात दोहराई और बताया कि इस पर काम शुरू हो चुका है।
युवाओं और किसानों को साधने की कोशिश
आने वाले चुनावों में भाजपा रियासत में सिर्फ विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लडे़गी। मोदी के भाषण में सिर्फ विकास की ही बातें की गयी। विकास से शुरू हुआ मोदी का भाषण विकास की बातों पर ही समाप्त हुआ। चुनाव से ठीक पहले हुई रैली में स्थानीय मुद्दों की कोई बात नहीं की गयी। राम मंदिर, नोट बंदी जैसे मुद्दे पर कुछ भी बोलने से मोदी बचे। सरकार के लिए लोगों का हित सर्वोपरि बताया और कहा कि रियासत के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जनधन खातों के मसले पर मोदी ने विपक्षी दलों की चुटकी भी ली। अगले दस सालों में किसानों को 7.5 लाख करोड़ रुपया खातों के माध्यम से दिये जाना बताया।
निशाने पर बस कांग्रेस
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के अलावा किसी पार्टी का नाम नहीं लिया। पीडीपी गठवंधन सरकार में कुछ काम नहीं किये जाने को उन्होंने गठबंधन की मजबूरी बताया। किसानों के मसले पर कांग्रेस को निशाने पर लेकर लोगों की नब्ज टटोलने की कोशिश की। आंकड़ों की बातें करके कांग्रेस की खूब खिंचाई की। मोदी ने दावा किया कि कांग्रेस ने 2008-09 के चुनाव में किसानों के 6 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसने सिर्फ 52 हजार करोड़ की राहत दी। उन्होंने भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए बिना नाम लिये कहा कि 30-35 हजार लाख का खजाना खाली कर दिया गया। कर्जमाफी के नाम पर कांग्रेस को किसानों को लूटने वाला बताया। कहा- राजस्थान में कांग्रेस ने कर्ज माफी मे हाथ खडे़ कर दिये और मध्यप्रदेश में किसानों का बस 13 रुपये ही कर्ज माफी हुई।
नजीर, औरंगजेब व इम्तियाज को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने विजयपुर के मंच से शहीद नजीर, औरंगजेब, इम्तियाज जैसे अनेक बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दी। सीमा पार की गोलीबारी का सामना कर रहे परिवारों की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू तो डोगरा परंपरा, शौर्य की भूमि है। वन रैंक वन पेंशन पर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह चार दशकों से यह मुद्दा लटका हुआ था। सेना के जवानों की आंखों में धूल झोंकने में भी उनको शर्म नहीं आयी।