मंत्रियों के दिल्ली दौरे पर भाजपा ने सवाल उठाए
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रियासत के छह मंत्रियों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने नई दिल्ली जाने पर प्रदेश भाजपा ने सवाल खड़े करते हुए कहा है कि राज्य के मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहकर काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री समेत केंद्र सरकार बाढ़ से रियासत में उपजे हालात पर सजग है और लोगों के राहत, बचाव और पुनर्वास में जुटी हुई है। जम्मू में शनिवार को पत्रकार वार्ता में पार्टी प्रवक्ता सुनील सेठी ने कहा कि प्रधानमंत्री समेत केंद्रीय सरकार के मंत्री राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं या कर रहे हैं।
ऐसी स्थिति में रियासत के मंत्री राज्य से बाहर जा रहे हैं, जबकि उन्हें बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रभावित इलाकों में रहना चाहिए।
सेना का विरोध करने वालों को पता लगी असलियत
उन्होंने रियासती सरकार और प्रशासन पर पूरी तरह से नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों के बचाव और राहत कार्य में सेना और जनता की भूमिका की सराहना की।
सेठी ने कहा कि रियासत में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास में जम्मू संभाग और कश्मीर संभाग में राहत राशि का बराबर वितरण होना चाहिए। उन्होंने कहा, जम्मू के राजोरी, पुंछ, डोडा और जम्मू जिले के कई इलाकों में अभी तक बाढ़ पीड़ित लोगों को राहत सहायता उपलब्ध नहीं हो पाई है और इस काम में तेजी लाई जानी चाहिए।
सेठी ने कहा कि जो लोग सेना की कश्मीर में मौजूदगी का विरोध करते रहे हैं आज उन्हें पता चल गया है कि सेना की मौजूदगी से ही कश्मीर बच पाया है। इस अवसर पर प्रेस सचिव एवं प्रवक्ता बलवीर राम रतन भी मौजूद रहे।