जानिए, मोदी के पाक दौरे का किसने किया विरोध किसने समर्थन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के घर पहुंचने का अलगाववादियों सहित सभी राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। भाजपा और पीडीपी ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कांग्रेस और पैंथर्स ने विरोध किया है।
रियासत के डिप्टी सीएम और भाजपा नेता डा. निर्मल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता के साथ उठाया गया कदम है। जाहिर तौर पर इसके सकारात्मक परिणामों की उम्मीद है। गेंद पाकिस्तान के पाले में है।
यह पाकिस्तान पर निर्भर है कि वह रिश्तों को बेहतर करने के लिए कितनी संजीदगी दिखाता है। पाकिस्तान में सेना और आईएसआई जैसी एजेंसियां उनकी विदेश नीतियां को नियंत्रित करती है, इससे कैसे निबटेंगे यह उनके पाले में है। इस कदम का जम्मू कश्मीर को सीधे लाभ होगा। दोनों पड़ोसी देशों में बेहतर संबंध होंगे तो इसका लाभ बार्डर पर रहने वालों को मिलेगा।
पीडीपी ने कहा स्वागत योग्य कदम
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता महबूब बेग ने कहा है कि यह कदम स्वागत योग्य है। दोनों देशों के बीच शांति बहाली की दिशा में यह पहला कदम है।
इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है। 1947 के बाद बार्डर पर रहने वाले हर दिन खतरों से जूझते हैं। जान-माल के नुकसान के साथ ही फसलों को भी क्षति पहुंचती है।
कई बार जंग भी लड़ी गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब उम्मीद है कि नई पहल का लाभ होगा। कांग्रेस को भी चाहिए कि राष्ट्रीय हित में वह सामूहिक भागीदारी निभाए। राजनीतिक इच्छाशक्ति से दोनों देशों में बेहतर संबंध कायम किया जाए।
पैंथर्स पार्टी नेता और पूर्व मंत्री बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान के आगे नतमस्तक हो गए। यूपीए सरकार की वे आलोचना किया करते थे।
कहते थे कि एक सर कटेगा तो दस लाएंगे। अब तो हालात यूपीए से भी बदतर हो गए हैं। मोदी तथा एनडीए के पास पाकिस्तान को डील करने के लिए कोई नीति नहीं है। घुसपैठ और क्रास बार्डर फायरिंग बढ़ा है। मोदी के इस कदम से पूरे देश का मजाक बना है।