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बाढ़ की चपेट में आया ग्रिड स्टेशन, दो माह से बंद
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ग्रिड स्टेशन का भवन, खुले में पड़ा ट्रांसफार्मर
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मीरां साहिब। लगभग दो माह पहले भारी बारिश के चलते आई बाढ़ में मीरां साहिब बन सुल्तान में नव निर्मित ग्रिड स्टेशन पानी की चपेट में आने के बाद भी इसकी हालत में सुधार नहीं हो पाया। इसके बंद होने के बाद बिजली विभाग की ओर से पहले की तरह दूसरे स्टेशन से क्षेत्र के लोगों को बिजली दी जा रही है।
मीरां साहिब बाजार कमेटी के प्रधान सुरेंद्र चौधरी का कहना है कि तीन करोड़ की राशि खर्च करने के उपरांत क्षेत्र के लोगों को सुचारुरूप से बिजली आपूर्ति किए जाने के लिए नए ग्रिड स्टेशन का निर्माण किया गया। जिस स्थान पर इस ग्रिड स्टेशन का निर्माण किया गया है वह बिलोल नाले के साथ सटा है। न तो बिजली विभाग और न ही उस कंपनी की ओर से इसके निर्माण के लिए तय की गई भूमि पर बाढ़ के बचाव के लिए कोई उपाय किया गया। भवन का निर्माण करने के पूर्व इसका पलंत ऊंचा रखा जाता, तो जिस प्रकार बाढ़ की चपेट में आने से लगी मशीन तक पानी जा पहुंचा है, ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि जो कार्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाना चाहिए था वह बाजार कमेटी मीरां साहिब की ओर से कराना मजबूरी बन गई है। बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर पहले भी अवगत कराया जा चुका है।
पुरुषोत्तम कुमार का कहना है कि एक ओर जहां करोड़ों रुपये की राशि व्यर्थ की गई है, वहीं दूसरी ओर इससे मिलने वाले लाभ से लोगों को भी वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नए ग्रिड स्टेशन का निर्माण करने का मकसद पुराने ग्रिड स्टेशन पर लोड कम कर लोगों को सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति करना था। किस मापदंड के आधार पर ऐसे स्थान पर ग्रिड स्टेशन के भवन का निर्माण कराया गया। जहां पहले भी बाढ़ आने पर क्षेत्र के किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।
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ड्यूटी पर मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने बताया कि जिस समय बाढ़ आई थी, उस दौरान ग्रिड स्टेशन के भीतर सभी मशीनों में पानी चला गया था। बिलोल नाले में पानी का बहाव इतना तेज था कि उसे रोक पाना मुश्किल था। भवन की चारदीवारी के बाहर अगर क्रेट डाले होते तो बचाव होने की संभावना थी ।
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आरएसी कंपनी द्वारा इस बिजलीघर का निर्माण किया गया। निर्माण किस मापदंड पर किया गया इसके बारे में लिखित में भेजा गया। कंपनी के संबंधित अधिकारियों द्वारा उक्त स्थान का निरीक्षण कर इसमें सुधार किए जाने के लिए कहा गया है, इसका शीघ्र ही कार्य आरंभ किया जाएगा।
-मनजीत सिंह, एईई, बिजली विभाग
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ग्रिड सिस्टम में लगी मशीनों की जांच करने के उपरांत ठीक करने का कार्य चल रहा है। एक हफ्ते के भीतर ग्रिड स्टेशन से सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी।
-मनोज मन्हास, एसटीडी एईई, बिजली विभाग
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छह माह पहले ही डीडीसी सदस्य विद्या मोटन ने ग्रिड स्टेशन का उद्घाटन किया था। ग्रिड स्टेशन का निर्माण मीरां साहिब ब्लॉक के अधीन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति करने के लिए बनाया गया था।
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मीरां साहिब बाजार कमेटी के प्रधान सुरेंद्र चौधरी का कहना है कि तीन करोड़ की राशि खर्च करने के उपरांत क्षेत्र के लोगों को सुचारुरूप से बिजली आपूर्ति किए जाने के लिए नए ग्रिड स्टेशन का निर्माण किया गया। जिस स्थान पर इस ग्रिड स्टेशन का निर्माण किया गया है वह बिलोल नाले के साथ सटा है। न तो बिजली विभाग और न ही उस कंपनी की ओर से इसके निर्माण के लिए तय की गई भूमि पर बाढ़ के बचाव के लिए कोई उपाय किया गया। भवन का निर्माण करने के पूर्व इसका पलंत ऊंचा रखा जाता, तो जिस प्रकार बाढ़ की चपेट में आने से लगी मशीन तक पानी जा पहुंचा है, ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि जो कार्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाना चाहिए था वह बाजार कमेटी मीरां साहिब की ओर से कराना मजबूरी बन गई है। बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर पहले भी अवगत कराया जा चुका है।
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पुरुषोत्तम कुमार का कहना है कि एक ओर जहां करोड़ों रुपये की राशि व्यर्थ की गई है, वहीं दूसरी ओर इससे मिलने वाले लाभ से लोगों को भी वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नए ग्रिड स्टेशन का निर्माण करने का मकसद पुराने ग्रिड स्टेशन पर लोड कम कर लोगों को सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति करना था। किस मापदंड के आधार पर ऐसे स्थान पर ग्रिड स्टेशन के भवन का निर्माण कराया गया। जहां पहले भी बाढ़ आने पर क्षेत्र के किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।
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ड्यूटी पर मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने बताया कि जिस समय बाढ़ आई थी, उस दौरान ग्रिड स्टेशन के भीतर सभी मशीनों में पानी चला गया था। बिलोल नाले में पानी का बहाव इतना तेज था कि उसे रोक पाना मुश्किल था। भवन की चारदीवारी के बाहर अगर क्रेट डाले होते तो बचाव होने की संभावना थी ।
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आरएसी कंपनी द्वारा इस बिजलीघर का निर्माण किया गया। निर्माण किस मापदंड पर किया गया इसके बारे में लिखित में भेजा गया। कंपनी के संबंधित अधिकारियों द्वारा उक्त स्थान का निरीक्षण कर इसमें सुधार किए जाने के लिए कहा गया है, इसका शीघ्र ही कार्य आरंभ किया जाएगा।
-मनजीत सिंह, एईई, बिजली विभाग
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ग्रिड सिस्टम में लगी मशीनों की जांच करने के उपरांत ठीक करने का कार्य चल रहा है। एक हफ्ते के भीतर ग्रिड स्टेशन से सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी।
-मनोज मन्हास, एसटीडी एईई, बिजली विभाग
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छह माह पहले ही डीडीसी सदस्य विद्या मोटन ने ग्रिड स्टेशन का उद्घाटन किया था। ग्रिड स्टेशन का निर्माण मीरां साहिब ब्लॉक के अधीन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति करने के लिए बनाया गया था।