{"_id":"5d6c25658ebc3e015f5656a9","slug":"bijli-jammu-news-jmu1923728135","type":"story","status":"publish","title_hn":"उमस ने निकाले लोगों के पसीने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उमस ने निकाले लोगों के पसीने
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जम्मू। उमस भरी गर्मी के बीच रविवार को बिजली कटौती ने लोगों के खूब पसीने छुड़ाए। शनिवार रात को डेढ़ से दो घंटे तो रविवार दिन में भी तीन से चार घंटे तक बिजली अलग-अलग जगहों में गुल रही। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। वहीं, दूसरी तरफ लोड बढ़ने के कारण आधा दर्जन ट्रांसफार्मर जल गए।
शहर के सिद्दड़ा, नरवाल, बठिंडी, मलिक नगर, नानक नगर, त्रिकुटा नगर, भौर कैंप में ट्रांसफार्मर जले। मलिक नगर में शनिवार रात एक बजे ट्रांसफार्मर जल गया, जबकि नानक नगर में रविवार दोपहर दो बजे और त्रिकुटा नगर में सुबह 11 बजे ट्रांसफार्मर जल गया। इसके बाद ट्रांसफार्मर को ठीक करने पर काम शुरू हुआ। देर शाम तक प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
इसके अलावा ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक होने की वजह से बिजली बार-बार गुल होती रही। लोगों को घरों में समय व्यतीत करने के लिए खुली जगहों में जाना पड़ा। दोपहर बाद बिजली की डिमांड 1150 मेगावाट रही जबकि देर शाम को 1210 मेगावाट रही है। मौजूदा विद्युत ढांचा इतना लोड नहीं उठा पा रहा है। ढांचे की क्षमता 1100 मेगावाट तक ही है। इस कारण बिजली कट लग रहे हैं।
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लोड बढ़ने के कारण आधा दर्जन ट्रांसफार्मर जले हैं। ट्रांसफार्मरों को ठीक किया जा रहा है। ढांचे की क्षमता से अधिक लोड के कारण ही बिजली कटौती हो रही है।
- पीडी सिंह, एक्सईएन, पीडीडी
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शहर के सिद्दड़ा, नरवाल, बठिंडी, मलिक नगर, नानक नगर, त्रिकुटा नगर, भौर कैंप में ट्रांसफार्मर जले। मलिक नगर में शनिवार रात एक बजे ट्रांसफार्मर जल गया, जबकि नानक नगर में रविवार दोपहर दो बजे और त्रिकुटा नगर में सुबह 11 बजे ट्रांसफार्मर जल गया। इसके बाद ट्रांसफार्मर को ठीक करने पर काम शुरू हुआ। देर शाम तक प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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इसके अलावा ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक होने की वजह से बिजली बार-बार गुल होती रही। लोगों को घरों में समय व्यतीत करने के लिए खुली जगहों में जाना पड़ा। दोपहर बाद बिजली की डिमांड 1150 मेगावाट रही जबकि देर शाम को 1210 मेगावाट रही है। मौजूदा विद्युत ढांचा इतना लोड नहीं उठा पा रहा है। ढांचे की क्षमता 1100 मेगावाट तक ही है। इस कारण बिजली कट लग रहे हैं।
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लोड बढ़ने के कारण आधा दर्जन ट्रांसफार्मर जले हैं। ट्रांसफार्मरों को ठीक किया जा रहा है। ढांचे की क्षमता से अधिक लोड के कारण ही बिजली कटौती हो रही है।
- पीडी सिंह, एक्सईएन, पीडीडी