एलओसी पर भारत को सामरिक मजबूती देगी केंद्र सरकार का भारत माला प्रोजेक्ट
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संभावनाएं तलाशने के बाद निर्माण का खाका तैयार किया जाएगा। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही पुंछ-उड़ी सड़क परियोजना के मूर्त रूप लेने से एलओसी से सटे पुंछ इलाकों को सीधा उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर से जोड़ा जा सकेगा। दूसरी परियोजना बारामुला से गुलमर्ग सड़क है।
रियासत में भारत माला सड़क परियोजनाओं की निर्माण एजेंसी नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के सूत्रों ने बताया उक्त दोनों ही परियोजनाओं के लिए टेंडर किए गए थे। इसमें केवल एक ही एजेंसी का नाम सामने आया। इसे खारिज कर नए सिरे से टेंडर किए गए। इसके बाद तीन बिडर सामने आ गए। अब परियोजनाओं पर काम करने के प्रस्तावों का तकनीकी आकलन किया जा रहा है।
रोड कनेक्टिविटी की परियोजना है भारतमाला प्रोजेक्ट
पुंछ से उड़ी तक प्रस्तावित सड़क परियोजना एनएच-1ए पर बनेगी। करीब 67 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित मार्ग पर 670 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बारामुला में इसी हाईवे पर प्रस्तावित गुलमर्ग रोड की लंबाई 39 किलोमीटर है। इस पर 390 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।
एनएचआईडीसीएल के एक वरिष्ठ अफसर के मुताबिक भारत माला देश में सड़कों का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसके तहत रियासत में प्रस्तावित सड़कों को मूर्त रूप देना प्राथमिकता है। एलओसी को बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में यह परियोजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी।
भारत माला देश के सरहदी इलाकों में माला के आकार में सड़कों का नेटवर्क तैयार करने की परियोजना है। केंद्र सरकार ने भारत को माता के रूप में सोचते हुए गले में माला पहनाने की कल्पना की है। भारत माला प्रोजेक्ट मुकम्मल होने पर पूर्व, दक्षिण, पश्चिम और उत्तर भारत की रोड कनेक्टिविटी एक माला के रूप में नजर आएगी।