जरा बचके, दिवाली पर हो रहा मिलावटखोरी का धंधा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली के त्योहार पर लोगों की सेहत को लेकर नगर निगम काफी सजग दिख रहा है। मिलावटखोर मिठाइयों में किसी भी तरह की मिलावट न कर पाएं, इसके लिए नगर निगम ने आज भी शहर की कई दुकानों में छापेमारी की। नगर निगम की फूड एंड सेफ्टी टीम ने शहर की प्रमुख हलवाई दुकानों पर छापेमारी कर चार क्विंटल मिलावटी मिठाई नष्ट कर दी।
यह मिठाई साफ-सफाई और गुणवत्ता को ताक पर रखकर बनाई गई थी। सिर्फ यही नहीं, बल्कि जिन बर्तनों में मिठाई बनाई गई थी, वे बर्तन भी निगम की टीम ने अपने कब्जे में ले लिए। हेल्थ अफसर डा. सलीम मोहम्मद खान के नेतृत्व में निगम की टीम ने सात मिठाइयों के सैंपल भरे।
इसमें तीन सैंपल खोये, दो सैंपल पिस्ते के, एक सैंपल लड्डू और एक सैंपल मिल्क केक का है। इन सैंपलों की गुणवत्ता जांच के लिए इन्हें लैबोरेटरी में भेज दिया गया है।
क्या है फूड एंड सेफ्टी एक्ट
दिवाली के दूसरे दिन विश्वकर्मा पूजा और चौथे दिन भैया दूज है। ऐसे में मिठाई की खपत शहर में बढ़ गई है। निगम द्वारा हलवाइयों को सचेत किया गया है कि अगर कोई भी मिलावट में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह है फूड एंड सेफ्टी एक्ट
फूड एंड सेफ्टी एक्ट 2006 में लागू किया गया था। इसके तहत पहली श्रेणी में मिलावटखोरों के खिलाफ दस लाख रुपयों तक का जुर्माना किया जा सकता है। मिलावटी खाद्य पदार्थ से अगर किसी की मौत हो जाती है तो दोषी को उम्र कैद की सजा के साथ-साथ दस लाख रुपये जुर्माना भी किया जा सकता है।