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रिट्रीट सेरेमनी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे : एलजी
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सुचेतगढ मे बीटिंग दा रिट्रीट सेरेमनी के दौरान बीएसएफ के जवान मार्च पास्ट करते हुए।
- फोटो : CITY REPORTER
आरएस पुरा। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सुचेतगढ़ में बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का शनिवार से आगाज हो गया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने क्षेत्र के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इस सेरेमनी के शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों की तरफ से उन्हें जानकारी दी गई कि वाघा बॉर्डर से अच्छे प्रबंध यहां किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सब बहुत पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन किन्हीं कारणों से यह संभव नहीं हो पाया। वाघा बॉर्डर की तर्ज पर सीमा सुरक्षा बल की तरफ से बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी की शुरुआत की गई है। अभी पाकिस्तान की तरफ से इस सेरेमनी में भाग नहीं लिया जाएगा। सीमा सुरक्षा बल के अनुसार सप्ताह के दो दिन यहां परेड आयोजित की जाएगी।
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पूरे प्रदेश में बेहतर तरीके के साथ मनाया गया और अब कश्मीर संभाग में भी जगह-जगह पर तिरंगे झंडे फहराए जो जम्मू-कश्मीर के बदलाव की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा फैसला लिया गया है कि गांव में जितने भी सरकारी स्कूल हैं, उनका नाम गांव के शहीदों के नाम पर रखा जाएगा और अगर गांव में कोई शहीद नहीं होगा तो समाज मेें बेहतर योगदान देने वाले व्यक्ति के नाम से स्कूल जाना जाएगा। इसके लिए मंडलायुक्त को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे भारत वर्ष नहीं बल्कि पूरे विश्व में अब सुचेतगढ़ का नाम जाना जाएगा।
युवाओं मे देशभक्ति का जज्बा बढ़ेगा : जम्वाल
इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल के अतिरिक्त महानिदेशक एनएस जम्वाल ने कहा कि वाघा बॉर्डर सहित दो अन्य बॉर्डर पर इस तरह की सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। अब इसकी शुरुआत सुचेतगढ़ से भी कर दी गई है। जो देश के लिए गर्व की बात है, और युवाओं में देशभक्ति का जज्बा बढ़ेगा। डीआईजी ने सभी लोगों का स्वागत किया और सीमा सुरक्षा बल द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी।
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कलाकारों ने डोगरी नृत्यों से समा बांधा
इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व मंत्री चौधरी श्याम लाल, राजेंद्र सिंह चिब, पूर्व राज्यसभा सांसद त्रिलोक सिंह बाजवा, डीडीसी सदस्य विद्या मोटन, प्रोफेसर गारू राम भगत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों एवं सीमा सुरक्षा बल के परिजनों ने परेड में हिस्सा लिया। पर्यटन विभाग की ओर से पहुंचे कलाकारों ने डोगरी गीत पर नृत्य पेश करने पर पंडाल में बैठे लोगों ने तालियां बजाकर सराहा। इस दौरान सीमा सुरक्षाबल के गुरमीत सिंह ने देश भक्ति पर आधारित गीत सुना पंडाल में बैठे लोगों को मंत्रमुग्ध किया। बीएसएफ के बैंड की ओर से देशभक्ति गीतों से समय बांधे रखा। सेरेमनी के दौरान सीमा सुरक्षाबल के कमांडो ने कई प्रकार के करतब दिखाए, जिसे लोगों ने तालियां बजाकर सराहा। सेरेमनी देखने के लिए सुरक्षाबलों के परिवार के लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई। स्थानीय लोगों के लिए भी व्यवस्था की गई। काफी बड़ी संख्या में लोग सेरेमनी देखने के लिए पहुंचे। पूरोभाना पंचायत के सरपंच दर्शन चौधरी ने कहा कि लोगों को यहां बुलाए जाने का न्योता देने के बाद भी कई पंचों व सरपंचों को मुख्य गेट पर रोके रखा गया।
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उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पूरे प्रदेश में बेहतर तरीके के साथ मनाया गया और अब कश्मीर संभाग में भी जगह-जगह पर तिरंगे झंडे फहराए जो जम्मू-कश्मीर के बदलाव की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा फैसला लिया गया है कि गांव में जितने भी सरकारी स्कूल हैं, उनका नाम गांव के शहीदों के नाम पर रखा जाएगा और अगर गांव में कोई शहीद नहीं होगा तो समाज मेें बेहतर योगदान देने वाले व्यक्ति के नाम से स्कूल जाना जाएगा। इसके लिए मंडलायुक्त को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे भारत वर्ष नहीं बल्कि पूरे विश्व में अब सुचेतगढ़ का नाम जाना जाएगा।
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युवाओं मे देशभक्ति का जज्बा बढ़ेगा : जम्वाल
इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल के अतिरिक्त महानिदेशक एनएस जम्वाल ने कहा कि वाघा बॉर्डर सहित दो अन्य बॉर्डर पर इस तरह की सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। अब इसकी शुरुआत सुचेतगढ़ से भी कर दी गई है। जो देश के लिए गर्व की बात है, और युवाओं में देशभक्ति का जज्बा बढ़ेगा। डीआईजी ने सभी लोगों का स्वागत किया और सीमा सुरक्षा बल द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी।
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कलाकारों ने डोगरी नृत्यों से समा बांधा
इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व मंत्री चौधरी श्याम लाल, राजेंद्र सिंह चिब, पूर्व राज्यसभा सांसद त्रिलोक सिंह बाजवा, डीडीसी सदस्य विद्या मोटन, प्रोफेसर गारू राम भगत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों एवं सीमा सुरक्षा बल के परिजनों ने परेड में हिस्सा लिया। पर्यटन विभाग की ओर से पहुंचे कलाकारों ने डोगरी गीत पर नृत्य पेश करने पर पंडाल में बैठे लोगों ने तालियां बजाकर सराहा। इस दौरान सीमा सुरक्षाबल के गुरमीत सिंह ने देश भक्ति पर आधारित गीत सुना पंडाल में बैठे लोगों को मंत्रमुग्ध किया। बीएसएफ के बैंड की ओर से देशभक्ति गीतों से समय बांधे रखा। सेरेमनी के दौरान सीमा सुरक्षाबल के कमांडो ने कई प्रकार के करतब दिखाए, जिसे लोगों ने तालियां बजाकर सराहा। सेरेमनी देखने के लिए सुरक्षाबलों के परिवार के लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई। स्थानीय लोगों के लिए भी व्यवस्था की गई। काफी बड़ी संख्या में लोग सेरेमनी देखने के लिए पहुंचे। पूरोभाना पंचायत के सरपंच दर्शन चौधरी ने कहा कि लोगों को यहां बुलाए जाने का न्योता देने के बाद भी कई पंचों व सरपंचों को मुख्य गेट पर रोके रखा गया।