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बारामुला: रिटायर्ड पुलिस अफसर मोहम्मद शफी सुपुर्द-ए-खाक, सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Sun, 24 Dec 2023 03:11 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाल नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाल नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Sun, 24 Dec 2023 03:11 PM IST
सार

बारामुला में रिटायर्ड पुलिस अफसर मोहम्मद शफी सुपुर्द-ए-खाक कर दिए गए। जिले में सैकड़ों लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। बारामुला में रविवार सुबह आतंकवादियों ने लक्षित हत्या को अंजाम दिया।

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Baramulla: Retired police officer Mohammad Shafi laid to rest, thousands of people bid him last farewell
बारामुला - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

उत्तरी कश्मीर के बारामुला में रिटायर्ड पुलिस अफसर मोहम्मद शफी सुपुर्द-ए-खाक कर दिए गए। जिले में सैकड़ों लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। बारामुला में रविवार सुबह आतंकवादियों ने लक्षित हत्या को अंजाम दिया। जिले में 72 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद शफी मीर की आतंकियों ने गोली मार हत्या कर दी। हमले को अंजाम देकर आतंकी मौके से भाग निकले। बताया जा रहा है कि उन्हें गोली काफी नजदीक से मारी गईं। उधर, आतंकियों की तलाश के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

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रिटायर्ड पुलिस अधिकारी मस्जिद में सुबह अजान पढ़ रहे थे, इसी दौरान उन पर हमला किया गया। मोहम्मद शफी मीर की हत्या से पहले के क्षणों को याद करते हुए, उनके चचेरे भाई मोहम्मद मुस्तफा ने बताया कि वह वारदात के समय घर पर थे। सुबह की प्रार्थना के लिए लाउडस्पीकर से वह अजान दे रहे थे। अचानक अजान बंद हो गई। उन्होंने कहा उनके अंतिम शब्द "रेहम (दया)" थे। उन्होंने कहा, अजान "अशहदु अन्ना मोहम्मदु रसूल-अल्लाह (मैं गवाह हूं कि मोहम्मद अल्लाह के दूत हैं)" पर बंद हो गई थी।
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पुलिस ने बताया कि मोहम्मद शफी मीर 2012 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने कहा कि रविवार तड़के उत्तरी कश्मीर जिले के बारामुला के गंतमुल्ला इलाके में मस्जिद के अंदर आतंकवादियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।

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Baramulla: Retired police officer Mohammad Shafi laid to rest, thousands of people bid him last farewell
विलाप करते हुए पूर्व पुलिस अफसर के परिजन - फोटो : बासित जरगर

उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि मीर स्थानीय 'मुअज्जिन' बन गए थे। वह मस्जिद में अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित थे। घटना के बाद मीर के घर और मस्जिद परिसर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मीर के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है।

मुस्तफा ने कहा, "वह (मीर) मेरा चचेरा भाई था। वह हर दिन नमाज के लिए बुलाते थे। आज सुबह, जब मैं कुरान पढ़ रहा था, हमेशा की तरह, उसने 'अजान' शुरू कर दी, इसलिए मैंने कुरान बंद कर दी। उन्होंने कहा, "उन्होंने 'अशहदु अन्ना मोहम्मदु रसूल-अल्लाह' का पाठ किया और फिर 'अजान' बंद हो गई। मैंने केवल 'रहम' (दया) की चीख सुनी। यह भारी आवाज में थी।"

मुस्तफा ने कहा कि उन्हें लगा कि मीर ने किसी अन्य कारण से इसे बंद कर दिया होगा और अनुमान लगाया कि वह चक्कर आने के कारण गिर गए होंगे। उन्होंने कहा, लेकिन कुछ देर बाद लोगों को घटना के बारे में पता चला।

उन्होंने कहा, "मेरी बेटी ने आकर मुझे बताया कि शफी चाचा की मृत्यु हो गई है। हम उनके घर गए और पता चला कि मीर को बारामुला (अस्पताल) ले जाया गया है...हमें बताया गया कि उन्हें गोली लगी है।"

मीर के कुछ रिश्तेदारों ने दावा किया कि उन्हें चार बार गोली मारी गई थी। मीर के छोटे भाई अब्दुल करीम ने कहा कि वह सो रहे थे, लेकिन आवाजों से जाग गए, उनके अनुसार माइक्रोफोन में समस्या के कारण ऐसा हुआ होगा। उन्होंने कहा, "मेरी बहू ने कहा कि उसने लोगों को रोते हुए सुना है...।"

राजनीतिक दलों ने हत्या की निंदा की और पूर्व पुलिस अधिकारी के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने कहा कि हिंसा को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "जेकेएनसी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला बारामुला घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पुंछ में आतंकवादी हमले में पांच जवान शहीद हो गए। तीन निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई। कई अभी भी अस्पतालों में अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब एक सेवानिवृत्त एसपी की हत्या कर दी गई लेकिन, भारत सरकार बार-बार प्रचारित कर रही है कि घाटी में हालात सामान्य है।  

भाजपा ने इस कृत्य को कायरतापूर्ण बताया और कहा कि आतंक और आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता। प्रदेश प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, " आतंकियों ने 72 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी। यह कायरतापूर्ण कृत्य है। आतंकियों का कोई धर्म नहीं है। शैतान के बेटे 'अजान' भी बर्दाश्त नहीं कर सकते... आतंक और आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता। इस हत्या की कड़ी निंदा करता हूं। शोक संतप्त परिवार के साथ संवेदना है।'

जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "बारामुला में सेवानिवृत्त एसएसपी मोहम्मद शफी मीर की कायरतापूर्ण हत्या की निंदा करता हूं। अत्यंत दुख और निधन की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है।" पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन सहित कई प्रदेश के नेताओं ने भी हत्या की निंदा की। 

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