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कश्मीर को जेल में तब्दील न करे केंद्र, जमात पर प्रतिबंध प्रतिशोध की कार्रवाई: महबूबा

Sat, 02 Mar 2019 09:47 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Sat, 02 Mar 2019 09:47 PM IST
सार

  • पूछा, संघ पर प्रतिबंध क्यों नहीं, जहां तलवारें दिखाई जाती हैं
  • बोलीं जमात के आतंकियों के सहायक होने के सबूत नहीं मिले

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Banning Jamaat-e-Islami Can Have Dangerous Consequences, Warns Mehbooba Mufti
Mehbooba Mufti - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि  केंद्र की ओर से जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध प्रतिशोध की कार्रवाई है। इसके नतीजे खतरनाक होंगे। केंद्र से जम्मू-कश्मीर को जेल में तब्दील नहीं करने को कहा। कहा कि आप एक विचारधारा को कैद नहीं कर सकते हैं। हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और प्रजातंत्र में विचारों की लड़ाई होती है। 
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अगर आपके पास एक बेहतर विचार है इस पर लड़ाई हो, लेकिन जम्मू कश्मीर को जेल में मत बदलिए। जमात के युवकों और नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद राज्य में, खासतौर पर घाटी में प्रतिशोध का माहौल है। यह एक सामाजिक और राजनीतिक संगठन है। इसकी एक विचारधारा है और वह नहीं समझती कि संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर एक विचारधारा को कैद किया जा सकता है। 
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पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कहा कि देश में लोगों की पीट-पीट कर हत्या करने की घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि कश्मीर में गरीबों की मदद करने वाले एक सामाजिक संगठन को प्रतिबंधित कर दिया गया। कहा कि देश में आपके पास शिवसेना, आरएसएस हैं जिन्होंने एक तरह के मांस खाने के आधार पर लोगों की पीट-पीट कर हत्या की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बहरहाल, एक संगठन जो गरीबों की मदद करता है और स्कूल चलाता है उसे प्रतिबंधित कर दिया गया और उसके कार्यकर्ताओं को जेल में रखा गया है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। इसके गंभीर नतीजे होंगे। 
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उन्होंने कहा कि हमने भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार में भाजपा को वह नहीं करने दिया जो वह अब कर रही है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें अब कोई रोकने वाला नहीं है। जब एक कश्मीरी को पीटा जाता है तो लोग ताली बजाते हैं और खुश होते हैं। संगठन की ओर से चलाए जा रहे स्कूलों समेत जमात नेताओं की संपत्ति को सील करने के बारे में पूछने पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। 

यह स्कूल गरीबों को शिक्षा मुहैया करा रहे थे। उनके छात्र गुणी हैं। इन स्कूलों पर प्रतिबंध लगाने के बाद यह सब छात्र कहां जाएंगे। वे हमारे भविष्य के साथ खेल रहे हैं जो बहुत गलत है। उन्हें इसके बजाए आरएसएस शाखाओं पर प्रतिबंध लगाना चाहिए जहां तलवारें दिखाई जाती हैं। कोई भी जमाती तलवार नहीं रखता है। 

हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक की संपत्तियों पर हाल में एनआईए की छापेमारी पर कहा कि केंद्र चाहता है कि हर कश्मीरी उस सोच की कीमत चुकाए जो उसके दिमाग में है। वह छापेमारी की निंदा करती हैं। आखिरकार वह जम्मू कश्मीर के धार्मिक प्रमुख हैं और उनकी लोगों में इज्जत है। यह भी प्रतिशोध की कार्रवाई है।

जमात के आतंकियों के सहायक होने के सबूत नहीं मिले
महबूबा मुफ्ती ने जमात-ए-इस्लामी पर लगे कथित आरोप, कि वह आतंकियों का सहायक है, पर कहा कि वह राज्य की मुख्यमंत्री दो साल रहीं और गृह विभाग भी चला रही थीं। इस समय उनके पास ऐसे कोई भी सुबूत हाथ नहीं आए जिससे यह आरोप साफ  होता कि जमात-ए-इस्लामी ऐसा कर रही है। 

हमारी तरफ से ही रोज जंग की बात होती है जो सही नहीं
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सराहना करती हैं कि उन्होंने वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा कर दिया। इमरान खान ने साबित कर दिया कि वह एक स्टेट्समैन हैं और उनकी यह कोशिश थी कि तनाव कम होगा, लेकिन हमारी तरफ  से सही बातें नहीं हो रही हैं। हमारी तरफ  से रोज जंग की बातें हो रही हैं। जो बहुत गलत है। क्योंकि जब भी जंग में आमना-सामना होता है तो उसमें जम्मू कश्मीर के लोग पीसे जाते हैं। जैसे आज हमारे लोग पिस रहे हैं।

पीडीपी ने विरोध मार्च निकाला
जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री तथा पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर आवाज बुलंद की। पार्टी मुख्यालय से लाल चौक सिटी सेंटर तक मार्च निकालने की कोशिश की गई, लेकिन शेर-ए-कश्मीर पार्क के पास बड़ी संख्या में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया।
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