फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   bankar condition, border area

Jammu News: ...तो अगर गोलाबारी हुई तो कहां छिपेंगे, सीमांत क्षेत्रों में सामुदायिक बंकर खस्ताहालत

विज्ञापन
bankar condition, border area
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जम्मू। पाकिस्तानी गोलीबारी से बचाने के लिए सीमांत क्षेत्रों में सामुदायिक बंकर बना दिए गए। अब इनकी हालत ऐसी हो चुकी है कि छुपने के लिए यह काम नहीं आएंगे। शराब की खाली बोतलें, गंदगी के ढेर से बंकर अटे पड़े हैं। पिछले दिनों अरनिया में बीएसएफ रेंजरों पर पाकिस्तनी रेंजरों ने फायरिंग की। यदि पाकिस्तान रिहायशी इलाकों को टारगेट करके फायरिंग कर दे तो लोगों को छिपने के लिए बंकर काम नहीं आएंगे।
हालत इतनी खराब हो चुकी है कि ये खंडहर में तब्दील हो गए हैं। बाहर से भी दयनीय स्थिति है। इनके रखरखाव का जिम्मा जिला प्रशासन के पास है। अरनिया के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में बंकर को देखकर ऐसा लगता है जैसे यह कोई खंडहर है। सीढि़यों पर शराब की खाली बोतलें पड़ी हैं। बाहर से दीवारों का सीमेंट उखड़ चुका है। भीतर गंदगी के ढेर है। अंदर जाने का दरवाजा तक टूट चुका है। ऐसी ही हालत जम्मू जिले में बनाए गए अन्य बंकराें की है। पूरे संभाग में 938 सामुदायिक बंकर बनाए हैं। जम्मू में करीब 200 बंकर हैं। सभी की हालत लगभग एक जैसी है।
विज्ञापन

बता दें 2017 में केंद्र सरकार की मंजूरी से संभाग के पांच जिलों में 938 सामुदायिक बंकर बनाने का निर्माण शुरू हुआ। 2020 में यह बनकर तैयार हो गए। 2018 से पहले पाकिस्तान की तरफ से सीमांत क्षेत्रों को निशाना बनाकर गोलाबारी की जाती थी। इससे लोगों को बचाने के लिए सामुदायिक बंकर बनाकर दिए गए। सीमा के 300 से 500 मीटर की दूरी वाले लगभग सभी गांवों में बंकर बनाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed