आतंक पर वार: जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स पर पाबंदी, स्थानीय लोगों को देश विरोधी गतिविधि के लिए उकसा रहा संगठन
गृह मंत्रालय ने कहा कि जेकेजीएफ जम्मू-कश्मीर के लोगों को भारत के खिलाफ आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है। आतंकी समूह राष्ट्रीय सुरक्षा व भारत की संप्रभुता के लिए हानिकारक है और आतंकवाद में शामिल है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को दो आतंकी संगठनों जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स (जेकेजीएफ) और खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मंत्रालय ने पंजाब में उग्रवाद और अशांति फैलाने के मामलों में शामिल हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा को आतंकवादी घोषित किया है।
इसे गैर विधिक गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) की चौथी अनुसूची के तहत घोषित आतंकियों की सूची में डाला गया है। इस अनुसूची के तहत अब तक 54 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया जा चुका है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि जेकेजीएफ जम्मू-कश्मीर के लोगों को भारत के खिलाफ आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है।
आतंकी समूह राष्ट्रीय सुरक्षा व भारत की संप्रभुता के लिए हानिकारक है और आतंकवाद में शामिल है। मंत्रालय ने कहा, इसने देश में आतंकवाद के विभिन्न घटनाओं को अंजाम दिया और इसमें प्रत्यक्ष रूप से शामिल भी रहा है।
अधिसूचना में कहा गया है कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जेकेजीएफ और केटीएफ को आतंकवादी समूहों के रूप में नामित किया गया है। जेकेजीएफ 43वां और केटीएफ 44वां आतंकी संगठन है जिसे आतंकवाद विरोधी कानून के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया है।
पुलवामा जैसे हमलों को अंजाम देने के लिए किया था जेकेजीएफ का गठन
जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं द्वारा कई नई रणनीतियां अपनाई जाती रही हैं। उनमें से एक थी गजनवी फोर्स का गठन। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस फोर्स का गठन फरवरी, 2020 में जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किया गया था।
पुलवामा जैसे आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए गजनवी फोर्स उच्च प्रशिक्षित आतंकियों का एक नया समूह था। हालांकि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की सतर्कता व मजबूत इंटेलिजेंस ग्रिड के चलते यह संगठन बड़े हमलों को अंजाम देने में असफल रहा।
लेकिन न केवल कश्मीर में बल्कि जम्मू संभाग के जम्मू, रामबन, सांबा, राजोरी आदि जिलों में कई आतंकी वारदातों को अंजाम दिया गया। सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स में लश्कर, हिजबुल मुजाहिदीन, अंसार गजवातुल हिंद (एयूजीएच), अल बद्र जैसे अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के कैडर शामिल किए गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेट फार्म का इस्तेमाल
इस बीच गजनवी फोर्स द्वारा जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों, ग्रेनेड हमलों, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी को अंजाम दिया गया। इसके अलावा उनके द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सहारा लेते हुए धमकियां जारी करने के साथ-साथ युवाओं को कट्टरपंथ में शामिल होने की समय-समय पर कोशिश की गई।