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भीख मांगते बच्चों को चाइल्ड लाइन भेजा
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ज्यौड़ियां। ज्यौड़ियां बाजार में भीख मांगते तीन बच्चों को पुलिस ने चाइल्ड लाइन भेजा। ये बच्चे पिता के जीएमसी अस्पताल में भर्ती होने के नाम पर झूठ बोलकर भीख मांग रहे थे।
दरअसल, ज्यौड़ियां बाजार में दो छोटी-छोटी लड़कियां और एक छोटा लड़का दुकानों पर जा कर कह रहे थे कि उसके पिता मिस्त्री का काम करते थे। काम करते समय दीवार पर से गिर गये और उनकी दोनों टांगें टूट गई हैं। वे बख्शी नगर अस्पताल जम्मू में वार्ड नंबर दो तथा बेड संख्या 14 पर भर्ती हैं। यह सुनकर दुकानदार उन्हें भीख दे रहे थे। इस बीच पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब के प्रधान अमृत भूषण बाबा भारती ने लोगों को सतर्क किया। इन बच्चों पर शक हुआ। पुलिस को सूचना दी गई। चौकी प्रभारी ज्यौड़ियां मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों को पकड़ कर चौकी लाया। उनसे भीख मांगने का कारण पूछा गया तो बच्चों ने वहीं कहानी दोहराई की वे गरीब हैं। जम्मू वेयर हाउस में रहते हैं। पिता के इलाज के लिए भीख मांग रहे हैं। बच्चों के पास कोई पहचान पत्र नहीं है। उन्होंने एक फोन नंबर दिया जो अपनी मां का बता रहे थे, लेकिन उस नंबर पर संपर्क करने पर फोन स्विच आफ आ रहा था। बच्चे बता रहे थे कि उनके जीएमसी वार्ड दो के बेड नबंर 14 पर है, लेकिन पुलिस ने जब अस्पताल से संपर्क किया तो पता चला उस पर एक दूसरा कोई बच्चा दाखिल है। बच्चे हर तरह से झूठे साबित होने लगे तो वे कहने लगे कि वे कोई चोरी थोड़े न कर रहे हैं। किसी गैंस से संपर्क भी नहीं है। बच्चों ने कहा कि वे रियासी के रहने वाले हैं और इस समय हम जम्मू वेयर हाउस में रह रहे हैं। बच्चों की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिलने के बाद चौकी प्रभारी ने थाना प्रभारी अखनूर से संपर्क किया। थाना प्रभारी के मुताबिक चाइल्ड लाइन जम्मू की टीम को बुलाया गया और फिर बच्चों को चाइल्ड लाइन भेज दिया गया।
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दरअसल, ज्यौड़ियां बाजार में दो छोटी-छोटी लड़कियां और एक छोटा लड़का दुकानों पर जा कर कह रहे थे कि उसके पिता मिस्त्री का काम करते थे। काम करते समय दीवार पर से गिर गये और उनकी दोनों टांगें टूट गई हैं। वे बख्शी नगर अस्पताल जम्मू में वार्ड नंबर दो तथा बेड संख्या 14 पर भर्ती हैं। यह सुनकर दुकानदार उन्हें भीख दे रहे थे। इस बीच पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब के प्रधान अमृत भूषण बाबा भारती ने लोगों को सतर्क किया। इन बच्चों पर शक हुआ। पुलिस को सूचना दी गई। चौकी प्रभारी ज्यौड़ियां मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों को पकड़ कर चौकी लाया। उनसे भीख मांगने का कारण पूछा गया तो बच्चों ने वहीं कहानी दोहराई की वे गरीब हैं। जम्मू वेयर हाउस में रहते हैं। पिता के इलाज के लिए भीख मांग रहे हैं। बच्चों के पास कोई पहचान पत्र नहीं है। उन्होंने एक फोन नंबर दिया जो अपनी मां का बता रहे थे, लेकिन उस नंबर पर संपर्क करने पर फोन स्विच आफ आ रहा था। बच्चे बता रहे थे कि उनके जीएमसी वार्ड दो के बेड नबंर 14 पर है, लेकिन पुलिस ने जब अस्पताल से संपर्क किया तो पता चला उस पर एक दूसरा कोई बच्चा दाखिल है। बच्चे हर तरह से झूठे साबित होने लगे तो वे कहने लगे कि वे कोई चोरी थोड़े न कर रहे हैं। किसी गैंस से संपर्क भी नहीं है। बच्चों ने कहा कि वे रियासी के रहने वाले हैं और इस समय हम जम्मू वेयर हाउस में रह रहे हैं। बच्चों की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिलने के बाद चौकी प्रभारी ने थाना प्रभारी अखनूर से संपर्क किया। थाना प्रभारी के मुताबिक चाइल्ड लाइन जम्मू की टीम को बुलाया गया और फिर बच्चों को चाइल्ड लाइन भेज दिया गया।
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