{"_id":"6553ccfd092f83d0ea0d0a8a","slug":"back-to-village-program-samba-news-c-289-1-sjam1009-1112-2023-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: कैली मंडी में दो पंच और एक सरपंच ने करवाया कार्यक्रम, लोग नहीं पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: कैली मंडी में दो पंच और एक सरपंच ने करवाया कार्यक्रम, लोग नहीं पहुंचे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैक टू विलेज कार्यक्रम में नहीं पहुंच रहे लोग, मुद्दों को हल न निकलने से नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में पांचवें चरण के बैक टू विलेज कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। पहले दिन पंचायतों में कार्यक्रम तो हुए, लेकिन आम लोगों की भागीदारी कम रही। कैली मंडी पंचायत के कार्यक्रम में तो दो पंच व एक सरपंच ही उपस्थित थे।
स्थानीय सरपंच रविंद्र सिंह के अनुसार बैक टू विलेज कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं का समाधान न होने के कारण वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत के वार्ड दो के ग्रामीणों की मांग थी कि उनके मोहल्ले की ओर जाने वाले मार्ग को सेना ने बंद कर दिया है। इस बारे में लोगों ने उपायुक्त को भी बताया था। उपायुक्त ने सेना के अधिकारियों से कहा था कि उक्त मार्ग को खाला जाए। लेकिन, कोई समाधान नहीं हो पाया। इससे लोग नाराज हैं। यही कारण है कि वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच रहे। सरपंच के अनुसार आज भी उन्होंने नोडल अधिकारी को उक्त मार्ग की समस्या बताई है। कल तक का समय दिया है। यदि मार्ग का समाधान हुआ तो ठीक, नहीं तो वह बैक टू विलेज कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी को डंसाला मंडी में 17 लाख रुपये की लागत से बना तालाब दिखाया। कैली मंडी से सीमा मार्ग पर 70 लाख की लागत से बन रहे नाले का विकास कार्य दिखाया। उन्होंने आंगनबाडी केंद्र और राशन डिपो का भी जायजा लिया। नोडल अधिकारी शहजादा नूर ने सरंपच को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। वहीं, घगवाल की पंचायत नौनाथ के पंच राम पाल शर्मा ने कहा कि पंचायत में बैक टू विलेज कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी कम रही। सरकारी विभागों के अधिकारी भी कम थे। उनके अनुसार लोग मांग कर रहे हैं कि उनकी पंचायत का बंदोबस्त किया जाए। यह पंचायत राजस्व विभाग के मुताबिक अस्तित्व में ही नहीं है। इस बारे में हर बार अधिकारियों को बताया जाता है, लेकिन किसी ने समाधान नहीं निकाला। इससे नाराज लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे। जिले की सुपवाल, बडेरी, सदोह, दियानी, छजवाल, आदि पंचायतों में भी बैक टू विलेज कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में पांचवें चरण के बैक टू विलेज कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। पहले दिन पंचायतों में कार्यक्रम तो हुए, लेकिन आम लोगों की भागीदारी कम रही। कैली मंडी पंचायत के कार्यक्रम में तो दो पंच व एक सरपंच ही उपस्थित थे।
स्थानीय सरपंच रविंद्र सिंह के अनुसार बैक टू विलेज कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं का समाधान न होने के कारण वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत के वार्ड दो के ग्रामीणों की मांग थी कि उनके मोहल्ले की ओर जाने वाले मार्ग को सेना ने बंद कर दिया है। इस बारे में लोगों ने उपायुक्त को भी बताया था। उपायुक्त ने सेना के अधिकारियों से कहा था कि उक्त मार्ग को खाला जाए। लेकिन, कोई समाधान नहीं हो पाया। इससे लोग नाराज हैं। यही कारण है कि वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच रहे। सरपंच के अनुसार आज भी उन्होंने नोडल अधिकारी को उक्त मार्ग की समस्या बताई है। कल तक का समय दिया है। यदि मार्ग का समाधान हुआ तो ठीक, नहीं तो वह बैक टू विलेज कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी को डंसाला मंडी में 17 लाख रुपये की लागत से बना तालाब दिखाया। कैली मंडी से सीमा मार्ग पर 70 लाख की लागत से बन रहे नाले का विकास कार्य दिखाया। उन्होंने आंगनबाडी केंद्र और राशन डिपो का भी जायजा लिया। नोडल अधिकारी शहजादा नूर ने सरंपच को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। वहीं, घगवाल की पंचायत नौनाथ के पंच राम पाल शर्मा ने कहा कि पंचायत में बैक टू विलेज कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी कम रही। सरकारी विभागों के अधिकारी भी कम थे। उनके अनुसार लोग मांग कर रहे हैं कि उनकी पंचायत का बंदोबस्त किया जाए। यह पंचायत राजस्व विभाग के मुताबिक अस्तित्व में ही नहीं है। इस बारे में हर बार अधिकारियों को बताया जाता है, लेकिन किसी ने समाधान नहीं निकाला। इससे नाराज लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे। जिले की सुपवाल, बडेरी, सदोह, दियानी, छजवाल, आदि पंचायतों में भी बैक टू विलेज कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
विज्ञापन