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Baba Chamliaya Mela: सीमा पर 27 को बाबा चमलियाल मेला, पाक रेंजर नहीं करेंगे शिरकत, न पाकिस्तान से आएगी चादर

Mon, 24 Jun 2024 05:10 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाल नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाल नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Mon, 24 Jun 2024 05:10 PM IST
सार

भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा चमलियाल की मजार पर वार्षिक मेला इस 29 जून को आयोजित हो रहा है। भारत-पाक बंटवारे के पहले से ही यह मेला आयोजित होता रहा है।

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Baba Chamliya Mela on international border indian pakistan on june 27 Pak Ranger not participate
बाबा चमलियाल देवस्थान - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू संभाग के जिला सांबा के रामगढ़ में भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा चमलियाल की मजार पर वार्षिक मेला इस 29 जून को आयोजित हो रहा है। भारत-पाक बंटवारे के पहले से ही यह मेला आयोजित होता रहा है। इस मेले से जुड़ी बड़ी दिलचस्प कहानी है। सीमा के साथ सटे दोनों देशों के लोगों की बाबा चमलियाल के प्रति गहरी आस्था है। उनका मानना है कि बाबा के देवस्थान पर चर्म रोगों से मुक्ति मिल जाती है। 

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पाकिस्तान की तरफ से बाबा के देवस्थान पर चादर चढ़ाए जाने की रस्म है। साथ ही बदले में भारत की तरफ से शक्कर और शरबत दी जाती है। कुएं के पानी को शरबत और देवस्थान की मिट्टी को शक्कर कहा जाता है। मान्यता है कि इस शक्कर और शरबत के लेप लगाने से चर्म रोगों से राहत मिलती है। 
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बंटवारे के बाद वर्ष 1965, 1971 व 1999 में कारगिल युद्ध हुआ। सीमा पर सीजफायर का कई बार उल्लंघन और दोनों देशों में तनाव हुआ। इसके बावजूद बाबा चमलियाल के प्रति दोनों देशों के लोगों की आस्था की मिठास कम नहीं हुई।

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साल 2002 में दोनों देशों में तनाव के चलते मेले का आयोजन मजार स्थल से दो किलोमीटर पीछे गांव दग-छन्नी में किया गया था, इसमें पाक रेंजर्स अधिकारियों ने शिरकत करना उचित नहीं समझा था। सात साल पूर्व वर्ष 2018 में भी मेला पारंपरिक रीति से संपन्न नहीं हो पाया था। 

मेले से छह दिन पूर्व पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हुए बीएसएफ के चार जवानों की शहादत के बाद भारत सरकार व केंद्रीय गृह मंत्रालय व बीएसएफ ने पाक रेंजरों को न तो मेले का न्यौता दिया था, न ही पाकिस्तान की तरफ से बाबा की मजार पर चढ़ाने के लिए चादर आई और न ही भारत की तरफ से बाबा जी की मजार का प्रसाद शरबत-शक्कर पाकिस्तान श्रद्धालुओं के लिए भेजी गई। 

कोरोना के कारण साल 2020 व 2021 में जिला प्रशासन ने मेला स्थगित कर दिया था। मजार कमेटी ने मेले वाले दिन परंपरा को निभाया था और बाबा जी की मजार पर चादर चढ़ाने की रस्म अदा की गई। 

सूत्रों के अनुसार इस बार भी पाक रेंजर मेले में शिरकत नहीं करेंगे और न ही पाकिस्तान से बाबा की मजार पर चढ़ाने के लिए चादर आएगी और न ही पाक श्रद्धालुओं को पवित्र मजार का शरबत-शक्कर नसीब होगा, क्योंकि भारत सरकार और गृह मंत्रालय ने पाक को मेले का कोई आमंत्रण नहीं दिया है। ग्रामीणों की प्रशासन से मांग की हैं की इस बार पाक को भी न्यौता दिया जाए। पाक में बैठे बाबा के भगतों को भी शकर शरबत मिल सके।

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