{"_id":"648af5545fe867ce4a0b3f59","slug":"azad-in-srinagar-opposition-unity-nothing-but-a-good-photo-opportunity-congress-has-lost-ground-2023-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीनगर में आजाद: विपक्षी एकता एक अच्छे फोटो अवसर के अलावा कुछ नहीं, कांग्रेस खो चुकी है अपनी जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीनगर में आजाद: विपक्षी एकता एक अच्छे फोटो अवसर के अलावा कुछ नहीं, कांग्रेस खो चुकी है अपनी जमीन
Thu, 15 Jun 2023 04:56 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 15 Jun 2023 04:56 PM IST
सार
श्रीनगर में पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक पर कहा कि उन्हें इसमें आमंत्रित नहीं किया गया है। उनका कहना था कि विपक्षी एकता तभी लाभान्वित होगी, जब दोनों पक्षों के लिए कुछ होगा।
विज्ञापन
गुलाम नबी आजाद
- फोटो : ट्विटर
विस्तार
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्हें विपक्षी एकता से कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक पर कहा कि उन्हें इसमें आमंत्रित नहीं किया गया है। उनका कहना था कि विपक्षी एकता तभी लाभान्वित होगी, जब दोनों पक्षों के लिए कुछ होगा।
विज्ञापन
दोनों के लिए लाभ के हिस्से में अंतर हो सकता है। यह 50-50 या 60-40 हो सकता है, लेकिन इस मामले में दोनों पक्षों के पास कुछ भी नहीं है। एक दूसरे को देने के लिए। यह एक अच्छे फोटो अवसर के अलावा कुछ नहीं है। पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का राज्य में कोई विधायक नहीं है।
विज्ञापन
आश्चर्य है कि अगर दोनों पार्टियां ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ गठबंधन करती हैं, बाद वाला क्या हासिल करने के लिए खड़ा है? उन्होंने कहा, बनर्जी गठबंधन क्यों करेंगी? इससे उन्हें क्या फायदा होगा? इसी तरह टीएमसी का राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कोई विधायक नहीं है।
विज्ञापन
कांग्रेस उन्हें इन राज्यों में क्या देगी? कुछ भी नहीं। इसी तरह, आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के पास एक भी विधायक नहीं है। जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाले दक्षिणी राज्य में सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी के पास कहीं और कोई विधायक नहीं है।
कांग्रेस उन्हें (रेड्डी) क्या देगी और कांग्रेस पार्टी को क्या देगी? हालांकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि अगले साल होने वाले आम चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए विपक्ष एकजुट हो जाए। लेकिन दुर्भाग्य से, प्रत्येक विपक्षी दल के पास अपने राज्यों के अलावा अन्य राज्यों में कुछ भी नहीं है।
यदि दो-तीन दलों ने राज्यों में (गठबंधन में) सरकारें बनाई होती, तो यह फायदेमंद होता। आजाद ने कहा कि कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि चुनाव के पूर्व गठबंधन है या चुनाव के बाद गठबंधन। जमीनी स्थिति यह है कि यदि विपक्षी दल चुनाव पूर्व गठबंधन में 300 सीटें जीतते हैं, तो गठबंधन न होने पर भी उन्हें उतनी ही सीटें मिलेंगी।
मैंने कहा है कि कांग्रेस को केंद्र में नुकसान हुआ है, राज्यों में नहीं। अंतर इतना है कि पहले केंद्रीय नेतृत्व राज्यों को चलाता था और अब राज्य नेतृत्व केंद्रीय नेतृत्व चलाता है। आजाद ने कहा, केंद्रीय नेतृत्व जमीन खो चुका है। कोई कहता है कि कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व के कारण राज्य चुनाव जीत रही है, तो इसमें सच्चाई नहीं है।
उन्होंने जम्मू क्षेत्र के डोडा जिले में भूकंप से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की। हमारे पास जानकारी है कि गंदोह और भद्रवाह तहसीलों में कुछ स्कूलों, अस्पतालों और घरों को नुकसान पहुंचा है। सरकार से अनुरोध है कि छात्रों के लिए कक्षाएं स्कूल की इमारतों के अंदर नहीं, बल्कि बाहर आयोजित की जाएं। इसी तरह, अस्पतालों में गंभीर हालत वाले मरीजों को वहां रखा जाना चाहिए, जहां भूकंप का कोई असर नहीं हुआ हो।