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Jammu News: मशरूम की खेती से भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं किसान
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किसान संपर्क अभियान में मशरूम की खेती के बारे में किया जागरूक
अरनिया। किसान संपर्क अभियान के दूसरे दिन पंचायत तरेवा में कृषि अधिकारी ने किसानों को मशरूम की खेती सिखाई। उन्होंने बताया कि मशरूम की खेती में किसान अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं। इसकी खेती में दिन-प्रतिदिन तब्दीली होती जा रही है। किसान अब मौसमी मशरूम के बजाय 12 महीने मशरूम की खेती कर सकता है। मशरूम की खेती को इतना हाईटेक कर दिया गया है कि अच्छी पैदावार के साथ फसल हो रही है।
उन्होंने बताया कि मशरूम जम्मू में तीन प्रकार की लगाई जा रही है, जिसमें बटन मशरूम, ढिंगरी मशरूम और मिल्की मशरूम शामिल है। सरकार मशरूम की खेती के लिए 50 फीसदी सब्सिडी पर प्रीफैब्रिकेटेड शेड की सुविधा दे रही है, जिसमें मशरूम की हर किस्म के मुताबिक उचित तापमान रखा जा सकता है। समय-समय पर निदेशक कार्यालय में मशरूम की खेती के लिए कार्यशाला लगाई जाती है। किसी समय भी लोग वहां जाकर मशरूम की खेती के बारे में जानकारी ले सकते हैं। किसान संपर्क अभियान के दूसरे दिन कृषि अधिकारी महेश शर्मा, पशुपालन विभाग के डॉ. शाहनवाज, आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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अरनिया। किसान संपर्क अभियान के दूसरे दिन पंचायत तरेवा में कृषि अधिकारी ने किसानों को मशरूम की खेती सिखाई। उन्होंने बताया कि मशरूम की खेती में किसान अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं। इसकी खेती में दिन-प्रतिदिन तब्दीली होती जा रही है। किसान अब मौसमी मशरूम के बजाय 12 महीने मशरूम की खेती कर सकता है। मशरूम की खेती को इतना हाईटेक कर दिया गया है कि अच्छी पैदावार के साथ फसल हो रही है।
उन्होंने बताया कि मशरूम जम्मू में तीन प्रकार की लगाई जा रही है, जिसमें बटन मशरूम, ढिंगरी मशरूम और मिल्की मशरूम शामिल है। सरकार मशरूम की खेती के लिए 50 फीसदी सब्सिडी पर प्रीफैब्रिकेटेड शेड की सुविधा दे रही है, जिसमें मशरूम की हर किस्म के मुताबिक उचित तापमान रखा जा सकता है। समय-समय पर निदेशक कार्यालय में मशरूम की खेती के लिए कार्यशाला लगाई जाती है। किसी समय भी लोग वहां जाकर मशरूम की खेती के बारे में जानकारी ले सकते हैं। किसान संपर्क अभियान के दूसरे दिन कृषि अधिकारी महेश शर्मा, पशुपालन विभाग के डॉ. शाहनवाज, आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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