जम्मू। इक्कीसवीं सदी दे डोगरी साहित्य च राष्ट्रीय भावना विषय पर दो दिवसीय डोगरी लेखक सम्मेलन का वीरवार को आगाज हुआ। यह आयोजन केएल सहगल हाॅल में जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी करवा रही है। सम्मेलन में डोगरी भाषा के प्रसिद्ध लेखकों ने भाग लिया और विषय पेपर पढ़ा। पद्मश्री एनडी जम्वाल ने युवा लेखकों को सामाजिक विषयों के विभिन्न पहलुओं पर लिखने के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
सम्मेलन का आगाज कुड नृत्य के साथ हुआ, जिसको शप्तान सिंह एंड ग्रुप ने प्रस्तुत किया। पद्मत्री एनडी जमवाल, पद्मश्री मोहन सिंह, प्रो. ललित मंगोत्रा और अकादमी सचिव भरत सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। सचिव ने कहा कि लेखक समाज का चेहरा हैं, जो अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक ताने-बाने के आंतरिक विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। डॉ. ओम गोस्वामी और डॉ. पद्मदेव सिंह ने 21वीं सदी के डोगरी साहित्य में देशभक्ति और डोगरी लघु कहानी में देशभक्ति पर अपनी बात रखी। सत्र की अध्यक्षता डोगरी लेखक और इतिहासकार मंगल दास डोगरा ने की। इसके बाद लघु कथा सत्र हुआ। इसमें चमन अरोड़ा, डॉ. ओम विद्यार्थी, सुदेश राज, कृष्णा शर्मा, निर्मल विक्रम ने अपनी कहानियां प्रस्तुत की। इसके बाद डोगरी संगीत कार्यक्रम हुआ। इसमें डॉ. जसमीत कौर, रीता खडयाल, डॉ. रणजीत सिंह कटोच और अपूर्वा जम्वाल ने प्रस्तुतियां दी। ब्यूरो