कश्मीर में फिर हिमस्खलन की चेतावनी, ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
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कश्मीर घाटी में कड़ाके की ठंड देने वाला 40 दिन का चिल्ले कलां सोमवार को खत्म हो गया। पिछले दो दशक में इस बार जनवरी में सबसे अधिक बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई। इसके चलते चिल्ले कलां के बाद भी ठंड की दुश्वारियां जारी हैं। विश्व विख्यात पर्यटक स्थल गुलमर्ग में 25 वर्ष बाद 8-9 फुट तक बर्फ गिरी है।
घाटी के अन्य पर्वतीय इलाकों में 15-20 फु ट बर्फ गिरी है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे श्रीनगर से जम्मू के लिए एकतरफा खुला रहा। सोमवार को श्रीनगर से जम्मू के लिए छोटे-बड़े दो हजार से अधिक वाहन रवाना किए गए हैं। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार अगले 24 घंटों में कश्मीर और जम्मू में बर्फबारी के साथ बारिश के आसार हैं। फरवरी में भी बर्फबारी और बारिश होगी।
गत 6 जनवरी को घाटी में पहली भारी बर्फबारी हुई। इसके बाद 16 जनवरी को भी मौसम ऐसा रहा। चिल्ले कलां के दौरान कई साल बाद सोनमर्ग के गांदरबल और बांदीपोरा जिलों के गुरेज सेक्टर में भारी हिमस्खलन हुए।
कई जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार 4 फरवरी से दोबारा पश्चिमी विक्षोभ से रियासत में बर्फबारी के साथ बारिश होगी। श्रीनगर में सोमवार की शाम को बारिश शुरू हो गई थी। जम्मू के भी अधिकतर हिस्सों में कोहरे के साथ बादल छाए रहे।
कठुआ जिले के पर्वतीय इलाकों में सोमवार देर शाम तक डेढ़ फुट तक बर्फ गिर चुकी थी। दूरदराज के पहाड़ों पर हिमपात से बनी, ढग्गर, धमान, रौलका, दौलका आदि इलाकों में खून जमा देने वाली ठंड पड़ रही है। मंडलायुक्त कश्मीर ने मंगलवार शाम पांच बजे तक घाटी के कई जिलों में मध्यम श्रेणी वाले हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।
इसमें कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, गांदरबल, कुलगाम, बड़गाम, अनंतनाग और कारगिल जिले में हिमस्खलन हो सकते हैं। आगामी दिनों में मौसम के खराब मिजाज को देखते हुए सभी जिला उपायुक्तों को हिमस्खलन प्रभावित इलाकों में जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।