जम्मू कश्मीर के लिए सोमवार की रात आफत बनकर आई। हिमस्खन और भारी बर्फबारी ने पिछले 48 घंटों में जमकर तबाही मचाई है। कुपवाड़ा के मचैल सेक्टर में आए बर्फीले तूफान की चपेट में 45 राष्ट्रीय रायफल के पांच जवान आ गए। जिनमें तीन जवान शहीद हो गए। दो लापता जवानों की तलाश अभी जारी है। एलओसी के पास नौगाम सेक्टर में बर्फीला तूफान आया इसमें बीएसएफ के सात जवान लापता हो गए। छह जवानों को सकुशल बचाया गया। एक जवान अभी भी लापता है।
जम्मू-कश्मीरः आफत वाली 'बीती रात', तीन जवान शहीद, तीन की तलाश जारी, कई लोग लापता
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वहीं बारामुला, बांदीपोरा और गांदबरबल में हिमस्खलन में कई मकान दब गए हैं। भूस्खलन की चपेट में आकर रामबन में एक युवक की मौत हो गई। रियासी के खरोड़ी करूर इलाके में भूस्खलन की चपेट से एक वैन नदीं में गिर गई। इसमें चालक की मौत हो गई। बांदीपोरा जिले में गुरेज के दासी बक्तूर गांव में अबतक बर्फ में दबे पांच लोगों को बचाया जा चुका है। सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा दोनों जिलों में बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
भूस्खलन की चपेट में आई एक वैन नदीं में जा गिरी
एलओसी से सटे नौगाम सेक्टर में सोमवार रात करीब आठ बजे बर्फीला तूफान आया। इस तूफान में बीएसएफ के सात जवान लापता हो गए। सेना ने राहत बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद छह जवानों को सकुशल बचाया गया। एक जवान अभी भी लापता है। लापता जवान की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। लापता जवान बीएसएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात है।
रियासी के खरोड़ी करूर इलाके में भूस्खलन की चपेट में आने से एक वैन नदीं में गिर गई। इसमें चालक की मौत हो गई, जबकि तीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं भूस्खलन के चलते प्रदेश में सौ से अधिक संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।