{"_id":"5e0dc4cd8ebc3e87d2175a44","slug":"authorities-barred-press-conference-of-former-cm-mehbooba-mufti-daughter-at-gupkar-in-srinagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"महबूबा की बेटी को नहीं मिली मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर जाने की अनुमति, पुलिस ने रखा अपना पक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महबूबा की बेटी को नहीं मिली मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर जाने की अनुमति, पुलिस ने रखा अपना पक्ष
Thu, 02 Jan 2020 03:54 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 02 Jan 2020 03:54 PM IST
विज्ञापन
गुपकार रोड़ पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
- फोटो : बासित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की पुत्री इल्तिजा मुफ्ती ने गुरुवार को दावा किया कि जब वह दक्षिण कश्मीर में अपने नाना और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर जाने की कोशिश कर रही थीं तभी पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर लिया।
विज्ञापन
विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) सुरक्षा प्राप्त इल्तिजा ने कहा कि उन्होंने अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा इलाके में अपने नाना की कब्र पर जाने की इजाजत मांगी थी। मुझे घर में ही नजरबंद कर दिया गया और बाहर नहीं जाने दिया गया। नाना की कब्र पर जाना उनका अधिकार है। क्या यह अपराध है या फिर वह यह सोच रहे हैं कि वह वहां जाकर पत्थरबाजी या प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाएंगी।
विज्ञापन
उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर तानाशाह होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि घाटी में शांति स्थापित हो। हालांकि, एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) मुनीर अहमद खान ने इल्तिजा को नजरबंद किए जाने से इनकार करते हुए कहा कि अनंतनाग जिला प्रशासन ने उन्हें वहां जाने की इजाजत नहीं दी थी। हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कि उन्हें एसएसजी सुरक्षा मिली हुई है। लिहाजा उन्हें कहीं भी जाने से पहले पुलिस की मंजूरी लेनी होती है।
विज्ञापन
महबूबा मुफ्ती के सरकारी आवास फेयरव्यू की ओर जाने वाले गुपकार रोड पर बैरिकेड लगाकर आम यातायात रोक दिया गया था। केवल सुरक्षा बलों के वाहनों और हाई सिक्योरिटी जोन में रहने वाले लोगों को ही उस ओर जाने दिया जा रहा था। मीडियाकर्मी तक को जाने की अनुमति नहीं दी गई।