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Jammu News: एसोसिएटेड अस्पतालों में कोविड एसओपी जारी, जीएमसी और एसएमजीएस में कियॉस्क स्थापित

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associated hospital, covid sop
जीएमसी में पत्रकारों को संबोधित करते जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता व अन्य विभागों के एच
अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। कोविड के खतरे को देखते हुए जीएमसी जम्मू प्रशासन ने एसोसिएटेड अस्पतालों के लिए एसओपी जारी कर दी है। यह खासतौर पर इमरजेंसी केंद्रों के अस्पतालों पर लागू होगी। इसमें जीएमसी, एसएमजीएस, सीडी अस्पताल शामिल हैं। इंफ्लुएंजा (आईएलआई) और एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस) रोगियों के कोविड परीक्षण किए जाएंगे। इसके लिए जीएमसी और एसएमजीएस अस्पताल में कियॉस्क स्थापित किए हैं।
जीएमसी में वीरवार को प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि एसोसिएटेड अस्पतालों में मरीजों के रेपिड एंटिजन टेस्ट (रेट), आरटी-पीसीआर और आरटी-पीसीआर (इंफ्लुएंजा संबंधी) परीक्षण के लिए फिजिशियन डॉक्टर सिफारिश करेंगे। जीएमसी की इमरजेंसी व ओपीडी के संदिग्ध मामलों और वार्डों से सैंपलों को को इमरजेंसी के बाहर कियॉस्क में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। इसी तरह एसोसिएटेड अस्पतालों में सैंपलों को जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट के बाद एचओडी मेडिसिन, बाल रोग, चेस्ट डिजीज की ओर से क्लीनिकल मूल्यांकन के बाद कोविड पॉजिटिव मामलों को घर पर आइसोलेट या अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जाएगी।
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डॉ. गुप्ता ने बताया कि नए जेएन.1 वेरिएंट के देश में करीब तीन हजार मामले रिपोर्ट हुए हैं, लेकिन 92 प्रतिशत मामलों को घर पर आइसोलेट किया गया है। कुछ प्रतिशत पीड़ित ही अस्पतालों में भर्ती हैं और अधिकांश मामले वे थे जिन्हें पहले ही विभिन्न शारीरिक समस्याएं हैं। इसलिए कोविड के नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। सतर्कता से इसे फैलने से रोका जा सकता है। वहीं, आईएलआई और एसएआरआई मामलों में लक्षण लगभग एक जैसे हैं। इनमें एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन, गला खराब होना, बुखार आदि शामिल है।
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सार्वजनिक स्थलों पर परीक्षण नहीं
राज्य एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. हरजीत राय ने बताया कि आईएलआई लक्षण के मामलों में 20 प्रतिशत और अस्पताल में भर्ती सभी 100 प्रतिशत मामलों में आरटी-पीसीआर कोविड परीक्षण करवाए जाएंगे। सार्वजनिक स्थलों पर फिलहाल कोई परीक्षण नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हाल ही में हुई कोविड ड्रिल में 90 प्रतिशत चिकित्सा उपकरण सक्रिय पाए गए हैं, जबकि 10 प्रतिशत को रखरखाव या मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए संबंधित चिकित्सा स्थलों को निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में जेएन.1 वेरिएंट का मामला नहीं
जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. संदीप डोगरा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में फिलहाल जेएन.1 वेरिएंट का कोई मामला नहीं मिला। लेबोरेटरी में जरूरत के मुताबिक एक दिन में तीन हजार तक आरटी-पीसीआर कोविड परीक्षण करने की क्षमता है।


पीड़ित होने पर खुद को आइसोलेट करें
एसएमजीएस अस्पताल के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. जीएस सैनी ने कहा कि कोविड या इंफ्लुएंजा संबंधी पीड़ितों को खुद को आइसोलेट करना चाहिए। खासतौर पर इस श्रेणी में व्यस्कों को बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों से दूरी बनानी चाहिए। खुद में लक्षण मिलने पर मास्क पहनना सुनिश्चित करें। पीड़ित बच्चों को स्कूल या सार्वजनिक स्थलों पर न भेजें। मास्क, सामाजिक दूरी और सेनिटाइजेशन से ही कोविड से लड़ा जा सकता है।
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