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Jammu News: पीडीपी विधायक पर्रा को विधानसभा अध्यक्ष ने भेजा नोटिस

Fri, 12 Sep 2025 02:20 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Fri, 12 Sep 2025 02:20 AM IST
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Assembly speaker sent notice to PDP MLA Parra
श्रीनगर। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने पुलवामा से पीडीपी विधायक वहीद उर रहमान पर्रा को उनके सोशल मीडिया पोस्ट के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उस पोस्ट पर है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि विधानसभा सचिवालय ने आप विधायक मेहराज मलिक की पीएसए के तहत गिरफ्तारी का समर्थन किया था।
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सोमवार को मलिक की गिरफ्तारी के बाद पर्रा द्वारा एक्स पर पोस्ट किए गए पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए, अध्यक्ष ने बुधवार को विपक्षी विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूछा कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन या अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। राथर ने पर्रा को सात दिनों के भीतर व्यक्तिगत रूप से या लिखित रूप में अध्यक्ष के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। अध्यक्ष ने पर्रा द्वारा यह झूठा दावा करने पर कड़ा संज्ञान लिया कि विधानसभा सचिवालय ने डोडा विधायक मेहराज मलिक की पीएसए के तहत गिरफ्तारी का समर्थन किया था।
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पर्रा ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'शर्मनाक आत्मसमर्पण। एक निर्वाचित विधायक के खिलाफ विधानसभा सचिवालय द्वारा पीएसए का समर्थन करना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कार्रवाई करनी चाहिए, विधायक जैसे संस्थान, जो जनता की अंतिम संस्था है, को चुप न होने दें। आज मेहराज हैं, कल आप भी हो सकते हैं।' वहीं इस मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को कहा, ''''''''बताया कि ऐसा प्रतीत होते है कि पीडीपी विधायक को नियमों का सही से ज्ञान नहीं है और उन्होंने इस मुद्दे पर झूठ बोला है। उन्हें नियमों के तहत परिणाम भुगतने होंगे क्योंकि उन्होंने जानबूझकर जनता को गुमराह किया है। हम ऐसा नहीं होने दे सकते।''''''''
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उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की ऐसे मामलों में कोई भूमिका नहीं है क्योंकि उनके पास किसी भी विधायक की गिरफ्तारी को मंजूरी देने या अस्वीकार करने का अधिकार नहीं है। राथर ने कहा, ''''''''ऐसी गिरफ्तारियां ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा की जाती हैं। किसी भी विधायक की गिरफ्तारी के बाद, ज़िला मजिस्ट्रेट को विधानसभा सचिवालय को सूचित करना होता है और नियम 260 के तहत विधानसभा सचिवालय का यह कर्तव्य है कि वह बाकी सदस्यों को गिरफ्तारी के बारे में सूचित करे।''''''''

वहीं विधानसभा सचिवालय ने मलिक के खिलाफ जन सुरक्षा अधिनियम का समर्थन करने से इनकार किया है। सचिवालय ने सोमवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ''''''''कुछ मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, एक्स में यह उजागर/रिपोर्ट किया गया है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा सचिवालय ने विधायक मेहराज मलिक पर लोक सुरक्षा अधिनियम 1978 के प्रावधानों को लागू करने का समर्थन किया है जो तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार है क्योंकि सचिवालय की इसमें कोई भूमिका नहीं है।'''''''' हालांकि, सचिवालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 260 के तहत मलिक की हिरासत के बारे में सभी विधायकों को सूचित करना सचिवालय का दायित्व है।
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