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घाटी में हालात सुधरने और विधानसभा सीटों के परिसीमन के बाद ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव संभव
Mon, 26 Aug 2019 01:29 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 26 Aug 2019 01:29 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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31 अक्टूबर से केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहे जम्मू-कश्मीर में इस साल विधानसभा चुनाव होने के आसार कम ही हैं। केंद्र सरकार की तरफ से पारित हुए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल के तहत भी जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की 107 सीटें होंगी। इनमें से 24 सीटें पहले की तरह पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर के लिए आरक्षित रहेंगी।
लद्दाख के बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 87 से कम होकर 83 रह गई है। लद्दाख संभाग की चार सीटें कम हुई हैं। पहले की तरह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर के लिए आरक्षित 24 सीटों को जोड़ लिया, तो आंकड़ा 107 तक पहुंचता है।
जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल के तहत परिसीमन के बाद विधानसभा की सात सीटें बढ़ेंगी। ऐसे में जम्मू कश्मीर विधानसभा की क्षमता 114 तक पहुंच जाएगी। इनमें से 24 विधानसभा सीटें निकाल दें, तो पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर को मुक्त करवाए जाने तक जम्मू कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुआ करेगा।
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ऐसे में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू कश्मीर में परिसीमन आयोग पर ले. गर्वनर और केंद्र सरकार फैसला लेगी। इसके बाद कम से कम तीन महीने परिसीमन आयोग को अपना काम पूरा करने के लिए चाहिए होंगे। जानकारों की मानें, तो इस साल विधानसभा चुनाव होने के आसार कम ही है। हालांकि परिसीमन में जम्मू संभाग में ज्यादा सीटें बढ़ने के आसार हैं।
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लद्दाख के बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 87 से कम होकर 83 रह गई है। लद्दाख संभाग की चार सीटें कम हुई हैं। पहले की तरह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर के लिए आरक्षित 24 सीटों को जोड़ लिया, तो आंकड़ा 107 तक पहुंचता है।
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जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल के तहत परिसीमन के बाद विधानसभा की सात सीटें बढ़ेंगी। ऐसे में जम्मू कश्मीर विधानसभा की क्षमता 114 तक पहुंच जाएगी। इनमें से 24 विधानसभा सीटें निकाल दें, तो पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर को मुक्त करवाए जाने तक जम्मू कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुआ करेगा।
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ऐसे में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू कश्मीर में परिसीमन आयोग पर ले. गर्वनर और केंद्र सरकार फैसला लेगी। इसके बाद कम से कम तीन महीने परिसीमन आयोग को अपना काम पूरा करने के लिए चाहिए होंगे। जानकारों की मानें, तो इस साल विधानसभा चुनाव होने के आसार कम ही है। हालांकि परिसीमन में जम्मू संभाग में ज्यादा सीटें बढ़ने के आसार हैं।