कश्मीर में मोदी नहीं वाजपेयी के भरोसे भाजपा?
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भाजपा के मिशन कश्मीर के तहत छोटे दलों से दोस्ताना संघर्ष की रणनीति बन चुकी है। भाजपा और छोटे दलों ने चुनाव पूर्व विधिवत गठबंधन के बजाए तालमेल से अधिक से अधिक से सीटें जीतने की गोपनीय नीति तय की है।
इसके तहत छोटे दलों के दिग्गजों के खिलाफ भाजपा उम्मीदवार नहीं देगी और जिन क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों की स्थिति मजबूत होगी वहां छोटे दल उसे सहयोग करेंगे। तीन माह पहले भाजपा महासचिव जेपी नड्डा ने कश्मीर दौरे के क्रम में इस अघोषित गठबंधन के लिए पहल की थी।
अब संघ के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता और वर्तमान में भाजपा के महासचिव राम माधव के दौरे में इस रणनीति को अंतिम रूप दे दिया गया है। भाजपा ने अपने बूते 87 सीटों की विधानसभा में 44 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है।
कश्मीर में छोटे दलों के भरोसे भाजपा
भाजपा के रणनीतिकारों को भी यह पता है कि कश्मीर में कम से एक दर्जन सीटें हासिल किए बिना सत्तासीन होना संभव नहीं है। लिहाजा, भाजपा कश्मीर संभाग के लिए अलग चुनावी रणनीति पर अमल कर रही है। जम्मू और लद्दाख में हिंदू और बौद्ध वोट बैंक के लिए भाजपा वोटों का ध्रुवीकरण चाहती है।
लेकिन, कश्मीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों के नाम पर वोट जुटाने की कवायद चल रही है। कश्मीर में नेकां, पीडीपी से लेकर अलगाववादी तक वाजेपयी की कश्मीर नीति के कायल रहे हैं।
इसलिए भाजपा ने भी वाजपेयी के इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत की नीति को ही आगे बढ़ाने का भरोसा कश्मीरी छोटे दलों को दिया है। बाढ़ के बाद त्वरित राहत के कारण मोदी के प्रति कश्मीरियों का झुकाव बढ़ा है। भाजपा इसे भुनाना चाहती है।
लोन, मीर और यासिन के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी नहीं
दूसरी ओर भाजपा की सियासी चाल ने कांग्रेस का गणित बिगाड़ दिया है। कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर फिलहाल कांग्रेस के एसोसिएट सदस्य हैं और कांग्रेस कोटे से ही मंत्री हैं। भाजपा महासचिव राम माधव से मुलाकात के बाद उनका झुकाव भाजपा की ओर बढ़ा है।
इसी तरह पीडीएफ के चीफ हकीम मोहम्मद यासिन भी कांग्रेस के करीब रहे हैं। अब भाजपा के राम माधव से मुलाकात के बाद कश्मीर के लिए नए समीकरणों पर काम कर सकते हैं।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गुलमर्ग में मीर और खान साहिब सीट पर यासिन के खिलाफ पार्टी उम्मीदवार नहीं देगी। इसी तरह पीपुल्स कांफ्रेंस के चीफ सज्जाद लोन के खिलाफ हंदवाड़ा में भी भाजपा उम्मीदवार खड़ा नहीं करने का मन बना चुकी है। लोन के अन्य 18 उम्मीदवारों के खिलाफ भाजपा का दोस्ताना संघर्ष संभव है।
भाजपा ने मिशन 44 प्लस के लिए पीपुल्स कांफ्रेंस के जिस सज्जाद लोन की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, वह स्वायत्त कश्मीर के समर्थक रहे हैं। लोन ने 2007 में अपने विजन दस्तावेज एचीवएबल नेशनहुड में इसकी वकालत की थी। भाजपा जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानती है। इस परस्पर विपरीत विचारधारा के बावजूद दोनों दल करीब आ रहे हैं।