जम्मू-कश्मीर: राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान का हिस्सा होंगे आशा-आंगनबाड़ी वर्कर
जम्मू-कश्मीर में में संविधान का 73वां संशोधन लागू होने के बाद पहली बार आशा व आंगनबाड़ी वर्कर भी राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान का हिस्सा बनाए गए हैं।
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जम्मू-कश्मीर में में संविधान का 73वां संशोधन लागू होने के बाद पहली बार आशा व आंगनबाड़ी वर्कर भी राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान का हिस्सा बनाए गए हैं। ग्राम स्वराज योजना में पंचायत स्तर की व्यवस्था को सक्षम बनाने का लक्ष्य लेकर काम किया जाता है। ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा पंचायत लेखा सहायकों, पंचायत सचिवों, आशा व आंगनबाड़ी वर्कर्स को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की तरफ से ब्लाक, जिला व मंडल स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दो और तीन दिसंबर को दिया जाएगा प्रशिक्षण
आशा व आंगनबाड़ी वर्कर्स को ब्लाक स्तर पर दो से तीन दिसंबर 2021 तक प्रशिक्षण मिलेगा। जिला स्तर पर पंचायत सचिवों व इंस्पेक्टरों को 29 से तीस नवंबर 2021 तक जिला स्तर पर और पंचायत लेखा सहायकों को 22 से 25 नवंबर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव बिपुल पाठक की ओर से जारी आदेश के तहत राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के हरियाणा आधारित पाजिटिव मूव्स इंडिया कंसल्टेंटिंग प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संविधान के 73वें संशोधन के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना को तैयार करने के अलावा ग्राम सभा के कार्य बेहतर तरीके व आपसी समन्वय बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा अब पंचायत लेखा सहायक, पंचायत सचिव, आशा व आंगनबाड़ी वर्कर्स को ब्लॉक, जिला व मंडल स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन आकांक्षाओं की पूर्ति व विकास को गति मिलेगी।
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- राकेश सरंगल, निदेशक, ग्रामीण विकास विभाग जम्मू