Chandra Grahan 2025: सूतक शुरू होते ही बंद हुए मां वैष्णो देवी समेत तमाम मंदिरों के कपाट, शाम को हुए भजन
कटड़ा शहर में भी सूतक को लेकर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। इनमें ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर, प्रसिद्ध शिव दर्शन मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, बिजली घर मंदिर, टी गार्डन मंदिर, कालिका मंदिर, देवा माई मंदिर, नौ देवियां मंदिर आदि शामिल रहे।
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चंद्र ग्रहण को लेकर धर्मनगरी कटड़ा में सभी मंदिरों के कपाट रविवार को बंद रहे। सूतक शुरू होने के साथ ही मां वैष्णो देवी भवन के साथ अर्धकुंवारी मंदिर, चरण पादुका मंदिर, बाणगंगा मंदिर, भूमिका मंदिर आदि के कपाट बंद कर दिए गए।
चंद्र ग्रहण को लेकर मां वैष्णो देवी भवन पर सुबह की दिव्य आरती अपने समय पर हुई। रात्रि की दिव्य आरती का आयोजन सूतक को लेकर दिन के समय किया गया। सूतक के दौरान मां वैष्णो देवी की पवित्र पिंडियों को स्पर्श करना पूरी तरह से वर्जित रहा। प्राचीन गुफा प्रांगण यानी अटका स्थल पर आम दिनों की तरह शाम के समय भजन संध्या का आयोजन हुआ।
कटड़ा शहर में भी सूतक को लेकर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। इनमें ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर, प्रसिद्ध शिव दर्शन मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, बिजली घर मंदिर, टी गार्डन मंदिर, कालिका मंदिर, देवा माई मंदिर, नौ देवियां मंदिर आदि शामिल रहे। सूतक शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मंदिरों में लोगों ने पूजा-अर्चना की।
बता दें कि चंद्र ग्रहण को लेकर नौ घंटे पहले ही सूतक शुरू हो जाता है। चंद्र ग्रहण रात्रि 9:58 मिनट से शुरू होकर देररात्रि 1:26 तक रहा। इस दौरान नगर वासियों ने मां दुर्गा की आराधना की और दान-पुण्य किया।