{"_id":"68fbe51db0f270d73b0fa2ae","slug":"arnia-news-gangster-news-samba-news-c-274-1-rsp1001-102456-2025-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: गैंगस्टर बेखौफ, ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा गैंगवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: गैंगस्टर बेखौफ, ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा गैंगवार
Sat, 25 Oct 2025 02:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 25 Oct 2025 02:14 AM IST
विज्ञापन
अरनिया, आरएस पुरा और बिश्नाह क्षेत्र में पिछले एक साल से गैंगवार का सिलसिला जारी
नशे की बिक्री गैंगवार का मुख्य कारण
अरनिया। गैंगवार का चलन बड़े शहरों से अब ग्रामीण क्षेत्रों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गैंगस्टर सरेआम अपराध को अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। इसलिए अब ग्रामीण क्षेत्रों में दबदबा कायम कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर सुरक्षा व्यवस्था गैंगस्टरों को सरेआम अपराध करने का मौका दे रही है। ग्रामीण इलाकों में अपराध को अंजाम देने के बाद छिपने के विकल्प ज्यादा हैं। दिवाली पर गोकुल गैंग के सदस्य सरेआम धारदार हथियारों के साथ तीन अलग-अलग जगह पर वारदातों को अंजाम देकर फरार होने में कामयाब हो गए। वारदात में तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था दिवाली की वारदातों का मुख्य उदाहरण है।
ग्रामीण क्षेत्रों में गैंगवार का मुख्य कारण नशे की बिक्री को लेकर है। प्रत्येक गैंग ग्रामीण क्षेत्र में दबदबा कायम करने के लिए वर्चस्व की लड़ाई लड़ रही है। 20 से 30 साल के युवक धारदार हथियारों से सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पकड़े जाने पर बेखौफ होकर पुलिस के समक्ष गैंग का नाम बताते हुए जुर्म कबूल कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में गैंगवार सिलसिले बार हो रही है। एक गैंग के सदस्य मिलकर दूसरी गैंग के सदस्यों को धारदार हथियारों से घायल कर देते हैं फिर उसी का बदला लेने के लिए दूसरी गैंग के सदस्य घात लगाकर वारदात को अंजाम देते हैं। अरनिया, आरएस पुरा और बिश्नाह क्षेत्र में पिछले एक साल से गैंगवार का सिलसिला चल रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्र में गोकुल और नागी गैंग में दबदबा कायम करने की होड़ लगी हुई है। इन दोनों गैंग में ज्यादातर 20 से 30 साल के युवक शामिल हैं। लाइमलाइट में आने के लिए अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इसके चलते दोनों गैंग के सदस्य मौका पाकर एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं। दोनों गैंग के सदस्य वारदात के दौरान जान से मारने की बजाय गंभीर रूप से घायल करते हैं।
गैंगवार की असली वजह नशे की बिक्री को लेकर है। बाड़ी ब्राह्मणा से मादक पदार्थ चिट्टे की बिक्री अब ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गई है। बाड़ी ब्राह्मणा के बाद अब बिश्नाह चिट्टे का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। बिश्नाह से चिट्ठा अरनिया तक पहुंच रहा है। दोनों गैंग के सदस्य अपने क्षेत्र में दूसरे गैंग की दस्तक को बर्दाश्त नहीं करते हैं। बिश्नाह आरएस पुरा और अरनिया से पुलिस लगातार चिट्टे के साथ तस्करों को गिरफ्तार कर रही है। इसमें महिला तस्कर भी प्रमुखता से शामिल हैं।
सरेआम वारदातों को अंजाम देने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। बिना वजह अपराधी लोगों को धारदार हथियारों से मार रहे हैं। बेखौफ होकर रात भर सड़कों पर धारदार हथियारों के साथ घूम रहे हैं। ऐसी वारदातें सचमुच में पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही हैं। समय रहते पुलिस को सख्ती से इन अपराधियों को सबक सिखाना होगा।
राकेश सिंह, जनप्रतिनिधि
पुलिस को और ज्यादा सक्रिय होने की जरूरत है। शहरों में अपराध का ट्रेंड अब ग्रामीण इलाकों में पहुंच गया है। इसके चलते पुलिस को शुरुआत में ही कड़ा रुख अख्तियार करना होगा।
सुनील दत शास्त्री, पूर्व अध्यक्ष भाजपा जम्मू जिला बाॅर्डर
कोट
दिवाली के अवसर पर हुई वारदातों को गैंगवार से नहीं जोड़ रहे हैं। त्योहारों पर अकसर युवक मनचले होकर अपराध को अंजाम देते हैं। दिवाली पर वैसी ही कुछ वारदातें हुई हैं। पुलिस की तरफ से सूचना मिलते ही मामले दर्ज कर लिए गए। आधे से ज्यादा आरोपियों को पकड़ लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शहर के साथ-साथ पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपराधियों के खिलाफ सख्त है। पुलिस अपराध से संबंधित किसी भी गतिविधि को लेकर 24 घंटे सक्रिय है।
- इरशाद राथर, एसपी हेडक्वार्टर
विज्ञापन
नशे की बिक्री गैंगवार का मुख्य कारण
अरनिया। गैंगवार का चलन बड़े शहरों से अब ग्रामीण क्षेत्रों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गैंगस्टर सरेआम अपराध को अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। इसलिए अब ग्रामीण क्षेत्रों में दबदबा कायम कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर सुरक्षा व्यवस्था गैंगस्टरों को सरेआम अपराध करने का मौका दे रही है। ग्रामीण इलाकों में अपराध को अंजाम देने के बाद छिपने के विकल्प ज्यादा हैं। दिवाली पर गोकुल गैंग के सदस्य सरेआम धारदार हथियारों के साथ तीन अलग-अलग जगह पर वारदातों को अंजाम देकर फरार होने में कामयाब हो गए। वारदात में तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था दिवाली की वारदातों का मुख्य उदाहरण है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में गैंगवार का मुख्य कारण नशे की बिक्री को लेकर है। प्रत्येक गैंग ग्रामीण क्षेत्र में दबदबा कायम करने के लिए वर्चस्व की लड़ाई लड़ रही है। 20 से 30 साल के युवक धारदार हथियारों से सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पकड़े जाने पर बेखौफ होकर पुलिस के समक्ष गैंग का नाम बताते हुए जुर्म कबूल कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में गैंगवार सिलसिले बार हो रही है। एक गैंग के सदस्य मिलकर दूसरी गैंग के सदस्यों को धारदार हथियारों से घायल कर देते हैं फिर उसी का बदला लेने के लिए दूसरी गैंग के सदस्य घात लगाकर वारदात को अंजाम देते हैं। अरनिया, आरएस पुरा और बिश्नाह क्षेत्र में पिछले एक साल से गैंगवार का सिलसिला चल रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्र में गोकुल और नागी गैंग में दबदबा कायम करने की होड़ लगी हुई है। इन दोनों गैंग में ज्यादातर 20 से 30 साल के युवक शामिल हैं। लाइमलाइट में आने के लिए अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इसके चलते दोनों गैंग के सदस्य मौका पाकर एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं। दोनों गैंग के सदस्य वारदात के दौरान जान से मारने की बजाय गंभीर रूप से घायल करते हैं।
गैंगवार की असली वजह नशे की बिक्री को लेकर है। बाड़ी ब्राह्मणा से मादक पदार्थ चिट्टे की बिक्री अब ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गई है। बाड़ी ब्राह्मणा के बाद अब बिश्नाह चिट्टे का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। बिश्नाह से चिट्ठा अरनिया तक पहुंच रहा है। दोनों गैंग के सदस्य अपने क्षेत्र में दूसरे गैंग की दस्तक को बर्दाश्त नहीं करते हैं। बिश्नाह आरएस पुरा और अरनिया से पुलिस लगातार चिट्टे के साथ तस्करों को गिरफ्तार कर रही है। इसमें महिला तस्कर भी प्रमुखता से शामिल हैं।
सरेआम वारदातों को अंजाम देने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। बिना वजह अपराधी लोगों को धारदार हथियारों से मार रहे हैं। बेखौफ होकर रात भर सड़कों पर धारदार हथियारों के साथ घूम रहे हैं। ऐसी वारदातें सचमुच में पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही हैं। समय रहते पुलिस को सख्ती से इन अपराधियों को सबक सिखाना होगा।
राकेश सिंह, जनप्रतिनिधि
पुलिस को और ज्यादा सक्रिय होने की जरूरत है। शहरों में अपराध का ट्रेंड अब ग्रामीण इलाकों में पहुंच गया है। इसके चलते पुलिस को शुरुआत में ही कड़ा रुख अख्तियार करना होगा।
सुनील दत शास्त्री, पूर्व अध्यक्ष भाजपा जम्मू जिला बाॅर्डर
कोट
दिवाली के अवसर पर हुई वारदातों को गैंगवार से नहीं जोड़ रहे हैं। त्योहारों पर अकसर युवक मनचले होकर अपराध को अंजाम देते हैं। दिवाली पर वैसी ही कुछ वारदातें हुई हैं। पुलिस की तरफ से सूचना मिलते ही मामले दर्ज कर लिए गए। आधे से ज्यादा आरोपियों को पकड़ लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शहर के साथ-साथ पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपराधियों के खिलाफ सख्त है। पुलिस अपराध से संबंधित किसी भी गतिविधि को लेकर 24 घंटे सक्रिय है।
- इरशाद राथर, एसपी हेडक्वार्टर