अवाम की सुरक्षा सेना की पहली प्राथमिकता: जीओसी
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कश्मीर के गांदरबल जिले में कल सैनिक स्कूल मानसबल में आग की घटना के बाद सेना के 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रता साहा ने आज घटनास्थल का दौरा किया।
दौरे के दौरान साहा ने राहत राशि और सामग्री वितरित की। जनरल ने कश्मीर में तैनात सेना को आतंकियों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सक्षम बताया।
कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित मानसबल सैनिक स्कूल में देर रात आग की भीषण घटना घटी। इस घटना में सैनिक स्कूल की दो इमारतें पूरी तरह से ध्वस्त गईं थीं, जिनमें हास्टल थे।
पीडि़त छात्रों को एक लाख नकद
इस घटना में काफी माली नुकसान हुआ था, हालांकि समय रहते बच्चों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
आग की घटना के बाद सेना के 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रता साहा मानसबल सैनिक स्कूल का जायजा लेने पहुंचे।
इस मौके पर उन्होंने राहत राशि और सामग्री भी दी। साहा ने पीडि़त छात्रों को एक लाख नकद राशि, 60 कंबल, 60 मैट्रेस, 14 टेंट और 60 स्लीपिंग बैग दिए।
भारतीय सीमा में घुसपैठ के प्रयास में आतंकी
लेफ्टिनेंट जनरल साहा ने इस मौके पर पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि आतंकियों द्वारा समय-समय पर आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है, लेकिन आतंकियों की किसी भी प्रकार की कार्रवाई का जवाब देने के लिए सेना पूरी तरह से सक्षम है।
साहा ने विदेशी आतंकियों की संख्या से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि आतंकी स्थानीय हो या विदेशी नुकसान तो एक जैसा ही पहुंचाते हैं। घाटी में सेना की पहली प्राथमिकता अवाम को सुरक्षा प्रदान करना है।
हाल ही में नियंत्रण रेखा से सटे गुरेज सेक्टर में चार आतंकियों को मार गिराने का उदहारण देते हुए जनरल ने कहा कि आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ करने के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं लेकिन सेना उनकी कोशिशों को विफल बना देती है।