{"_id":"60a2bd8396e61f49961ca3ac","slug":"army-soldiers-help-after-walking-for-24-hours-to-bakkarwal-family-who-stuck-in-snowfall-in-kishtwar","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना है न: 24 घंटे पैदल चलकर बर्फ में फंसे बक्करवाल परिवार को पहुंचाई मदद, कंधे पर सामान उठा पहुंचाया राशन-दवाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना है न: 24 घंटे पैदल चलकर बर्फ में फंसे बक्करवाल परिवार को पहुंचाई मदद, कंधे पर सामान उठा पहुंचाया राशन-दवाइयां
Tue, 18 May 2021 12:31 AM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, किश्तवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी, किश्तवाड़
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 18 May 2021 12:31 AM IST
सार
बक्करवाल डेरा कठुआ से किश्तवाड़ की मढ़वा तहसील के नवापाची गांव जा रहा था। इस दौरान वह बर्फ में फंस गया। इसके बाद बक्करवाल बशीर अहमद ने 15 मई को सेना की भंडारकोट स्थित गुज्जर बक्करवाल चेक पोस्ट को फोन से सूचित कर सहायता मांगी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किश्तवाड़ के छात्रू इलाके के सिंथनटॉप के पास बर्फ में फंसे बक्करवाल परिवार के लिए सेना देवदूत बनकर पहुंची। 11 हजार फुट की ऊंचाई पर बर्फ में फंसे बक्करवाल परिवार को सैन्य टीम ने 24 घंटे पैदल चलकर जरूरी सामान पहुंचाया। यह परिवार कठुआ से किश्तवाड़ की मढ़वा तहसील के नवापाची गांव में मवेशियों के साथ फंस गया था।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बक्करवाल डेरा कठुआ से किश्तवाड़ की मढ़वा तहसील के नवापाची गांव जा रहा था। इस दौरान वह बर्फ में फंस गया। इसके बाद बक्करवाल बशीर अहमद ने 15 मई को सेना की भंडारकोट स्थित गुज्जर बक्करवाल चेक पोस्ट को फोन से सूचित कर सहायता मांगी। बताया कि वह बर्फ में भोजन की कमी के कारण पत्नी, तीन बच्चों और मवेशियों के साथ फंसे हुए हैं। सैन्य अधिकारियों ने तुरंत राहत पार्टी चिनगाम पोस्ट को सूचित किया, जहां से एक राहत टीम ने खराब मौसम के बीच कंधे पर सामान उठाकर इस परिवार की तलाश शुरू कर दी।
विज्ञापन
24 घंटे पैदल चलने के बाद 11 हजार फुट की ऊंचाई पर इस परिवार को रविवार देर शाम ढूंढ लिया गया। इसके बाद उनको भोजन, दवाइयां और जरूरी सामान मुहैया करवाई गई। बक्करवाल बशीर अहमद ने मदद के लिए सेना का आभार जताया और कहा कि हर साल उनका डेरा मढ़वा घाटी में जाता है। जब भी उन्हें जरूरत पड़ती है, सेना तत्काल मदद के लिए पहुंच जाती है। इन दिनों कई बक्करवाल गर्मी के चलते पहाड़ी इलाकों की ओर प्रवास करते हैं। इस बार सिंथन टॉप पर भारी बर्फ होने के कारण बक्करवालों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सैन्य अधिकारी का कहना है कि बक्करवाल परिवार के पास मोबाइल था, जिससे इस परिवार को अनहोनी से बचा लिया गया।
विज्ञापन
सिंथनटॉप मार्ग बहाल करने की मांग
डीडीसी सदस्य मढ़वा मोहम्मद जफरुल्ला ने जिला प्रशासन से सिंथनटॉप मार्ग को शीघ्र खोलने की मांग उठाई है, ताकि मढ़वा और वाड़वन के लोगों को आसानी से किश्तवाड़ शहर तक आवागमन करने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि कई लोग बीमार होने के कारण परेशान हैं। मार्च में खुलने वाला मार्ग मई में भी नहीं खुल पाया है। हालांकि एनएचआईडीएसएल की तरफ से मार्ग को खोलने का काम फरवरी माह के अंत में ही शुरू हो गया था, लेकिन बार-बार बर्फबारी से दिक्कत हो रही है। इस संबंध में डीसी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि मजदूरों की कमी के कारण अभी मार्ग सुचारु करना मुमकिन नहीं है। इस मार्ग पर कई जगह बहुत ही मरम्मत की जरूरत है, जिसमें अभी काफी समय लग सकता है।