सेना ने आतंकियों की तलाश में लगाए हेलीकॉप्टर-यूएवी
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उत्तरी कश्मीर के बांदोपोरा जिले में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च आपरेशन में आतंकियों की मूवमेंट ट्रैक करने के लिए हेलीकाप्टर तथा यूएवी का प्रयोग किया जा रहा है।
लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी अबू हुरैरा समेत आठ आतंकियों के जंगल में घिरे होने की आशंका है। आतंकियों के खिलाफ 27 अक्टूबर से आपरेशन शुरू किया गया है।
जिले में 27 और 28 अक्टूबर को दो स्थानों पर हुई मुठभेड़ के बाद सेना और पुलिस के एसओजी (स्पेशल आपरेशन ग्रुप) ने जिले के जंगल क्षेत्र के एक बहुत बड़े इलाके का घेराव कर आतंकियों के खिलाफ आपरेशन शुरू कर रखा है।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बलों के घेरे में करीब आठ आतंकियों के फंसे होने की आशंका है। इसमें लश्कर के टॉप आतंकी अबू हुरैरा के भी होने की आशंका है, क्योंकि पिछले कुछ समय से इसकी मूवमेंट बांदीपोरा जिले में ट्रैक की गई है।
बांदीपोरा जिले के जंगल क्षेत्र में एसओजी के अलावा सेना की 13, 14, 22, 27, 29, 30, 31, 32, 52 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के अलावा सात पैरा और सीआरपीएफ के जवान आपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।
सथरी इलाके में छिपे आतंकी
गौरतलब है कि आपरेशन उस समय शुरू किया गया, जब सेना को 27 अक्टूबर की सुबह यह जानकारी मिली कि जिले के सथरी इलाके में कुछ आतंकी छिपे हैं।
इसके बाद सेना और एसओजी द्वारा व्यापक स्तर पर साझा अभियान शुरू किया गया। आतंकियों के साथ कुछ घंटे की मुठभेड़ भी हुई। बाद में आतंकी जंगल की ओर भाग खड़े हुए।
28 अक्टूबर को एक बार फिर गुप्त सूचना के आधार पर जवानों ने जिले के बुथु जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। यहां छिपे आतंकियों द्वारा फिर जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं गईं।
इसमें सेना का जवान समोद कुमार शहीद हो गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अगर आपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को अबू हुरैरा को मार गिराने में सफलता मिलती है, तो वह आतंकी संगठन लश्कर के लिए अबू कासिम की मौत के बाद एक और बड़ा झटका हो सकता है। पाकिस्तानी मूल के अबू हुरैरा को हथियारों की उच्च ट्रेनिंग प्राप्त है और पिछले कई वर्षों से वो घाटी में सक्रिय है।