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Jammu News: जीवन के लिए संघर्ष कर रहे बिहार के तीर्थयात्री को सेना ने दी नई जिंदगी
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अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले अनगिनत तीर्थयात्रियों के लिए सेना सुरक्षा के साथ जीवन की उम्मीद भी है। खासकर, बालटाल के दुर्गम मार्ग पर जहां ऊंचाई और अप्रत्याशित मौसम लगातार जोखिम पैदा करता है। ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना बिहार के राजगीर निवासी 31 वर्षीय रोशन के साथ हुई। वह तीर्थयात्रा के दौरान गंभीर संकट में फंस गए। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि काली माता मंदिर से लगभग 200 मीटर पहले रोशन को सेना के एक गश्ती दल ने देखा था। उनकी सांस फूल रही थी और वह जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस स्थिति में सेना देवदूत बनकर पहुंची।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए गश्ती दल का नेतृत्व कर रहे हवलदार विनोद ने तुरंत रोशन के महत्वपूर्ण अंगों की जांच की और पाया कि उनका रक्तचाप असामान्य था। स्थिति नाजुक हो रही थी। बिना एक पल भी गंवाए गश्ती दल ने रोशन को अपने मॉड्यूलर स्ट्रेचर पर सुरक्षित रूप से बांधा और तुरंत निकटतम सेना के चिकित्सा शिविर में पहुंचाया।
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि सेना के जवानों के समय पर हस्तक्षेप और उच्च-ऊंचाई वाले चिकित्सा प्रोटोकॉल के पालन की बदौलत रोशन की हालत स्थिर कर ली गई। इसके तुरंत बाद रोशन अपनी तीर्थयात्रा आगे जारी रखने के लिए पूरी तरह सक्षम हो गए।
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प्रवक्ता ने बताया कि अपनी यात्रा फिर से शुरू करने से पहले कृतज्ञ दिख रहे रोशन ने अपनी जान बचाने के लिए सेना का आभार व्यक्त किया। यह घटना भारतीय सेना के अटूट समर्पण की याद दिलाती है। न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बल्कि पवित्र अमरनाथ यात्रा के दौरान मानवीय सेवा के लिए भी सेना हमेशा तत्पर है।
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स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए गश्ती दल का नेतृत्व कर रहे हवलदार विनोद ने तुरंत रोशन के महत्वपूर्ण अंगों की जांच की और पाया कि उनका रक्तचाप असामान्य था। स्थिति नाजुक हो रही थी। बिना एक पल भी गंवाए गश्ती दल ने रोशन को अपने मॉड्यूलर स्ट्रेचर पर सुरक्षित रूप से बांधा और तुरंत निकटतम सेना के चिकित्सा शिविर में पहुंचाया।
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सेना के प्रवक्ता ने बताया कि सेना के जवानों के समय पर हस्तक्षेप और उच्च-ऊंचाई वाले चिकित्सा प्रोटोकॉल के पालन की बदौलत रोशन की हालत स्थिर कर ली गई। इसके तुरंत बाद रोशन अपनी तीर्थयात्रा आगे जारी रखने के लिए पूरी तरह सक्षम हो गए।
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प्रवक्ता ने बताया कि अपनी यात्रा फिर से शुरू करने से पहले कृतज्ञ दिख रहे रोशन ने अपनी जान बचाने के लिए सेना का आभार व्यक्त किया। यह घटना भारतीय सेना के अटूट समर्पण की याद दिलाती है। न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बल्कि पवित्र अमरनाथ यात्रा के दौरान मानवीय सेवा के लिए भी सेना हमेशा तत्पर है।