फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Army deployed in Siachen

जवानों का जज्बा बरकरार, सियाचिन से नहीं हटेगी सेना

Fri, 12 Feb 2016 10:08 PM IST
Updated Fri, 12 Feb 2016 10:08 PM IST
विज्ञापन
Army deployed in Siachen

उत्तरी कमान के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा का कहना है कि सुरक्षा कारणों से सियाचिन से सेना नहीं हटाई जाएगी। यह महत्वपूर्ण सीमा है। देश की सीमाओं की रक्षा करना सेना का कर्तव्य है।

विज्ञापन


देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सियाचिन से सेना हटाए जाने के बयान के बावजूद भारतीय सेना सीमा से नहीं हटेगी।
विज्ञापन


उत्तरी कमान के अलंकरण समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सियाचिन में बर्फीले तूफान के कारण दस जवानों के शहीद होने के बाद भी भारतीय सेना के जवानों के हौसले बुलंद हैं। देश की रक्षा के लिए तत्पर इन जवानों का जज्बा बरकरार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पठानकोट हमले के बाद सुरक्षा पर मंथन

Army deployed in Siachen

देश जान गया है कि जवान किन कठिनाइयों के बीच सियाचिन में अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। लांस नायक हनुमंथप्पा और नौ अन्य जवानों की शहादत सेना के लिए इतिहास बन गया है। कहा कि सीमा पार दो-तीन सौ आतंकी अब भी लांचिंग पैड पर घुसपैठ के लिए मौजूद हैं।

आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के लिए सेना नियंत्रण रेखा, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सतर्क है। पठानकोट हमले के बाद पूरे देश की सीमाओं व आंतरिक सुरक्षा पर पुनर्मंथन हुआ है। पठानकोट हमले के बाद सेना के ही कुछ जवानों का आईएसआई के साथ मिले होने की सूचनाएं हैं।

संदिग्ध जवानों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कोई दुश्मन एजेंट सेना में भर्ती नहीं हो सके। हुड्डा ने कहा कि 25 साल से सेना आतंकवाद से लड़ रही है। अब आतंकी घटनाओं में कमी आई है लेकिन ट्रेंड में बदलाव आया है। इन बदलाव के कारण सेना की चुनौतियां बढ़ गई हैं। शिक्षित युवाओं को आतंकी संगठन भर्ती कर रहे हैं। इन युवाओं को मुख्यधारा में लाने का सेना प्रयास कर रही है।

अब लद्दाख में लिब्रेशन आर्मी की घुसपैठ नहीं

Army deployed in Siachen

लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने हाल ही में चीन दौरे के दौरान अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि दोनों देशों में मधुर संबंध हो, इसके लिए चीन भी तैयार है। पिछले कुछ समय से हालात में सुधार हुआ है। अब लद्दाख में लिब्रेशन आर्मी की घुसपैठ नहीं होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि चीनी सीमा पर बेहतर ढांचा तैयार है। सड़क तैयार हैं। भारतीय सीमा में ऐसा ढांचा नहीं है। बेहतर ढांचा तैयार करने के लिए भारत सरकार भी कटिबद्ध है। हालांकि, मौजूद सुविधाओं के बीच जवान सीमा की रक्षा करने में सक्षम हैं।

चालीस फुट बर्फ और माइनस 40 डिग्री तापमान के बीच ढांचागत सुविधा काफी जरूरी है। इसके लिए सरकार के पास कई प्रस्ताव हैं। जवानों को इन दुर्गम क्षेत्रों में विशेष भत्ता बढ़ोतरी का भी प्रस्ताव है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed