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आतंकियों से निपटने के लिए सेना के पास विशेष रणनीति: सेना प्रमुख
Sat, 16 May 2020 12:25 PM IST
प्रशांत कुमार
अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू
अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 16 May 2020 12:25 PM IST
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सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे(फाइल फोटो)
- फोटो : भारतीय सेना
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घाटी में गर्मियों में बढ़ने वाली आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए सेना के पास विशेष रणनीति है। इंटेलिजेंस एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सेना काउंटर इनफील्ट्रेशन एंड काउंटर टेररिस्ट (सीआईसीटी) ग्रिड में लगातार बदलाव करती रहती है। यह बात सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कही।
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सेना प्रमुख ने पाकिस्तान में लॉन्चिंग पैड्स पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे आतंकियों को लेकर कहा, इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान ही घाटी में आतंकवाद को बढ़ावा देने में मदद करता है। सेना के पास मौजूदा जानकारी के अनुसार सरहद के उस पार एलओसी पर करीब 10 से 12 आतंकी कैंप हैं और हर कैंप में लॉन्चिंग पैड पर 15-20 आतंकी मौजूद हैं जो घुसपैठ की फिराक में हैं। हमारी उन पर कड़ी नजर है और सेना उसे नाकाम करेगी।
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इस बीच बढ़ रही आतंकी घटनाओं पर सेना प्रमुख ने कहा कि सर्दियों में काफी हद तक आतंकी गतिविधियां कम होती हैं। यह हर साल का पैटर्न है कि जैसे-जैसे मौसम अच्छा होता है और बर्फ पिघलने के साथ घुसपैठ के रास्ते खुल जाते हैं, जिससे घुसपैठ भी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि अक्सर अप्रैल और मई में आतंकी गतिविधियों में हमेशा थोड़ी बढ़ोतरी होती है लेकिन हमारे पास इससे निपटने के लिए विशेष रणनीति है।
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सीआईसीटी ग्रिड में बदलाव से अच्छे परिणाम
उन्होंने कहा कि जो हमारा सीआईसीटी ग्रिड है उसको हम लगातार मिलने वाले इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर बदलते रहते हैं। यही कारण है कि आतंकियों के खिलाफ हमने पिछले कुछ समय में काफी कामयाब ऑपरेशन किए हैं।
इसी रणनीति के चलते हम आतंकियों को या तो एलओसी के करीब, या फिर घाटी में आंतरिक इलाकों में घेर पाए हैं। इस साल अब तक करीब 27 आतंक विरोधी ऑपरेशनों के दौरान 64 आतंकियों को मार गिराने में सफलता हाथ लगी है जबकि करीब 125 ओजीडब्ल्यू गिरफ्तार किए जा चुके हैं।