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खराब मौसम के चलते श्रीनगर और सियाचिन नहीं जा सके सेना प्रमुख
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 06 Jan 2017 07:26 PM IST
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new army chief general vipin rawat
- फोटो : File Photo
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सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने रियासत के दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को अखनूर में एलओसी के फारवर्ड इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। खराब मौसम के कारण वे अपने दौरे को संक्षिप्त करते हुए दिल्ली लौट गए। तीन दिवसीय दौरे के तहत उन्हें श्रीनगर और सियाचिन भी जाना था।
सूत्रों ने बताया कि सेना प्रमुख सुबह अखनूर में एलओसी के फारवर्ड इलाकों में जाकर जवानों से मिले और सुरक्षा तैयारियों को जाना। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था, सीमा पार की हरकतों और सीजफायर उल्लंघन के दौरान दुश्मन को जवाब देने की तैयारियों के बारे में जाना। उन्होंने एलओसी पर किसी भी परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने और घुसपैठ रोकने को कहा। उन्होंने सतर्ककता बढ़ाकर दुश्मनों के मंसूबे नाकाम करने पर जोर दिया।
तीन दिवसीय दौरे की शुरूआत उन्होंने वीरवार को उधमपुर स्थित उत्तरी कमान मुख्यालय से की थी। यहां अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने पाकिस्तान के प्राक्सी वार से निबटने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने और दुश्मनों के नापाक गठजोड़ को परास्त करने पर जोर दिया था। जवानों को पूरी मुस्तैदी के साथ दुश्मनों की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने को भी कहा था।
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कश्मीर हिंसा के दौरान घाटी में शांति बहाली तथा हालात को सामान्य करने में उत्तरी कमान के योगदान की सराहना की थी। यहां के बाद वे नगरोटा स्थित 16 वीं कोर मुख्यालय और राजोरी में 25 इन्फेंट्री डिवीजन हेड क्वार्टर पहुंचकर भी सुरक्षा हालात की समीक्षा की थी।
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सूत्रों ने बताया कि सेना प्रमुख सुबह अखनूर में एलओसी के फारवर्ड इलाकों में जाकर जवानों से मिले और सुरक्षा तैयारियों को जाना। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था, सीमा पार की हरकतों और सीजफायर उल्लंघन के दौरान दुश्मन को जवाब देने की तैयारियों के बारे में जाना। उन्होंने एलओसी पर किसी भी परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने और घुसपैठ रोकने को कहा। उन्होंने सतर्ककता बढ़ाकर दुश्मनों के मंसूबे नाकाम करने पर जोर दिया।
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तीन दिवसीय दौरे की शुरूआत उन्होंने वीरवार को उधमपुर स्थित उत्तरी कमान मुख्यालय से की थी। यहां अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने पाकिस्तान के प्राक्सी वार से निबटने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने और दुश्मनों के नापाक गठजोड़ को परास्त करने पर जोर दिया था। जवानों को पूरी मुस्तैदी के साथ दुश्मनों की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने को भी कहा था।
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कश्मीर हिंसा के दौरान घाटी में शांति बहाली तथा हालात को सामान्य करने में उत्तरी कमान के योगदान की सराहना की थी। यहां के बाद वे नगरोटा स्थित 16 वीं कोर मुख्यालय और राजोरी में 25 इन्फेंट्री डिवीजन हेड क्वार्टर पहुंचकर भी सुरक्षा हालात की समीक्षा की थी।