'घर तो रंगवा गया पर हमारी जिंदगी को बेरंग कर गया'
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धन्य होते हैं वे माता-पिता भी जो बेटे की शहादत की जाम को पीकर भी फख्र करते हैं। उधमपुर के लाल शहीद कैप्टन तुषार के माता-पिता भी वैसे ही हौसले वाले इंसान हैं।
जब बेटे का पार्थिव शरीर घर पर पहुंचा तो पिता देवराज महाजन ने गर्व से सलामी ठोकी, लेकिन तुरंत बाद ही उनके पाव लड़खड़ाए। आखिर बेटा तो बेटा ही होता है।
9 पैरा कमांडो के कैप्टन तुषार महाजन की शहादत से सारा शहर गौरवान्वित है। पांपोर हमले में शहीद हुए कैप्टन के पिता देवराज ने कहा कि तुषार भाई की शादी के लिए घर तो रंगवा गया पर हमारी जिंदगी को बेरंग कर गया। फिर भी मुझे अपने बेटे की शहादत पर गर्व है।
शहीद तुषार के पिता ने कहा- बेटे की शहादत पर गर्व है
कुछ दिन पहले ही कैप्टन तुषार छुट्टी पर घर आया था। बड़े भाई की अगले महीने होने वाली शादी की तैयारियां जोरशोर से चल रही थी। तुषार ने घर की रंगाई का काम पूरी तरह से अपने हाथों में लिया हुआ था।
घर की हर दीवार पर अपनी मर्जी के रंग और डिजाइन बनवाए। काम करने वालों को अपनी हिदायतों के मुताबिक काम करने को कहा। पर कौन कह सकता था कि जो शख्स कुछ दिन पहले पूरे घर को अपने रंगों में रंग कर गया वह उनकी पूरी जिंदगी को बेरंग कर जाएगा।
तुषार के पिता ने जब अपने पुत्र के पार्थिव शरीर को देखा तो गर्व से पहले तो उनके हाथ सलाम को उठ गए। पर उसके फौरन बाद अपने जवान बेटे को खोने के गम से टूट गए। उनके कदम अचानक लड़खड़ा गए।