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SMS से किसानों को मिल रही मौसम की जानकारी
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 30 Mar 2016 10:18 AM IST
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बारिश का पूर्वानुमान हो या फिर मौसम साफ रहने के आसार। रबी और खरीफ सीजन की खेती से लेकर कृषि संबंधित गतिविधियों से जुड़े किसानों को मौसम की पूर्व जानकारी देने का तंत्र और विकसित किया जा रहा है। स्कॉस्ट जम्मू का एग्रोमेट फील्ड यूनिट वर्तमान में हजारों किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के एसएमएस भेज रहा है।
इस प्रक्रिया को विस्तार देने के लिए अब औसतन हर महीने तीन सौ से पांच किसानों के मोबाइल नंबर पोर्टल में दर्ज किए जा रहे हैं। एग्रोमेट फील्ड यूनिट के पोर्टल में दर्ज किसानों को एसएमएस भेजकर बारिश का पूर्वानुमान दिया जाता है। मौसम करवट लेने वाला हो तो एसएमएस के जरिये किसानों को दवा के छिड़काव से परहेज सहित अन्य एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है।
कृषि, बागवानी, पशुपालन सहित अन्य संबंधित गतिविधियाें में कब क्या किया जाए, इसकी जानकारी दी जाती है। स्कॉस्ट जम्मू एग्रोमेट फील्ड यूनिट के प्रभारी डा. मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि अब तक 3500 से अधिक किसानों के मोबाइल नंबर पोर्टल में दर्ज हो चुके हैं।
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फील्ड यूनिट विभिन्न इलाकों में किसान जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है, जिसमें किसानों से मोबाइल नंबर लेने को प्राथमिकता दी जा रही है। जब भी मौसम अचानक करवट लेने वाला हो किसानों को एसएमएस भेजकर एहतियात बरतने को कहा जाता है।
फील्ड यूनिट प्रयास कर रहा है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों के मोबाइल नंबर पोर्टल में दर्ज हों, ताकि कृषि संबंधी सलाह और मौसम पूर्वानुमान की जानकारी समय पर पहुंचाई जा सके।
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इस प्रक्रिया को विस्तार देने के लिए अब औसतन हर महीने तीन सौ से पांच किसानों के मोबाइल नंबर पोर्टल में दर्ज किए जा रहे हैं। एग्रोमेट फील्ड यूनिट के पोर्टल में दर्ज किसानों को एसएमएस भेजकर बारिश का पूर्वानुमान दिया जाता है। मौसम करवट लेने वाला हो तो एसएमएस के जरिये किसानों को दवा के छिड़काव से परहेज सहित अन्य एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है।
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कृषि, बागवानी, पशुपालन सहित अन्य संबंधित गतिविधियाें में कब क्या किया जाए, इसकी जानकारी दी जाती है। स्कॉस्ट जम्मू एग्रोमेट फील्ड यूनिट के प्रभारी डा. मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि अब तक 3500 से अधिक किसानों के मोबाइल नंबर पोर्टल में दर्ज हो चुके हैं।
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फील्ड यूनिट विभिन्न इलाकों में किसान जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है, जिसमें किसानों से मोबाइल नंबर लेने को प्राथमिकता दी जा रही है। जब भी मौसम अचानक करवट लेने वाला हो किसानों को एसएमएस भेजकर एहतियात बरतने को कहा जाता है।
फील्ड यूनिट प्रयास कर रहा है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों के मोबाइल नंबर पोर्टल में दर्ज हों, ताकि कृषि संबंधी सलाह और मौसम पूर्वानुमान की जानकारी समय पर पहुंचाई जा सके।