अपराजिताः छात्राओं ने कहा- निडर होकर आगे बढ़ना जानती हैं देश की बेटियां
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत मॉडर्न एकेडमी हाई स्कूल रैंबल में संगोष्ठी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें स्कूल के दसवीं कक्षा तक के छात्र व छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लड़कियां किसी तरह से भी पुरुषों से कम नहीं हैं।
प्रधानाचार्य अंकुश वर्मा के नेतृत्व में कार्यक्रम की शुरूआत हुई। बारी-बारी से स्कूल के 13 छात्र व छात्राओं ने अपनी बात को रखा। छात्राओं ने कहा कि समय के साथ लड़कियों को अपनी ताकत का अहसास हो रहा है। लड़कियां किसी तरह से भी लड़कों से कम नहीं है।
समाज में बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर बहुत कम दिए जाते हैं और जब अवसर मिलता है तो वह साबित कर देती हैं कि बेटियां भी बेटों की तरह मजबूत है। वह किसी से डरती नहीं है। बेटियां भी निडर होकर आगे बढ़ना जानती हैं। लड़कियों को अपनी आत्मरक्षा की तरफ विशेष तौर पर ध्यान देना होगा। जब कोई मनचला छेड़खानी करे तो उसको मुंहतोड़ जवाब मिल सके।
अमर उजाला का अपराजिता अभियान सराहनीय है- प्रधानाचार्य
लड़कियों को जागरूक करने के लिए अमर उजाला का अपराजिता अभियान सराहनीय है। इस अभियान के जरिये लड़कियों को कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है। लड़कियां मजबूत होकर हर मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। ज्यादा से ज्यादा इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। -अंकुश वर्मा, प्रधानाचार्य
कानून ने महिलाओं को कई प्रकार के अधिकार दिए हैं। महिलाओं को अपने अधिकार और जिम्मेदारी के प्रति जागरूक होना चाहिए। जब महिला को कानून की जानकारी हासिल होगी तो उसको कोई भी नहीं दबा सकता है। -भूमि
आज की महिला किसी तरह से भी लाचार नहीं है
महिलाओं के प्रति पुरुषों को अपनी सोच में बदलाव करना होगा। आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं। जब पुरुषों की सोच बदलेगी तो नारी को भी अधिकार मिलेंगे। आज नारी पुरषों के मुकाबले में अधिक मजबूत है।- राहुल
आज की महिला किसी तरह से भी लाचार नहीं है। समाज में महिलाएं अपना अलग स्थान बना रही हैं। महिलाओं के प्रति लोगों का भी नजरिया बदल रहा है। जब भी मुश्किल परिस्थितियां सामने आती है तो महिलाएं भी मजबूती के साथ उनका सामना कर रही हैं।- सुमन
अपराजिता अभियान सराहनीय है। लड़कियों को अपनी आत्मरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा। वह आत्मरक्षा के गुर सीखें और हर परिस्थिति का डट कर सामना करे। युवा पीढ़ी को भी महिलाओं के प्रति सोच को बदलने की जरूरत है।- स्तुति