फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   anti corruption bureau raid three places of forest range officer in kishtwar jammu kashmir

बेनामी संपत्ति मामले में फॉरेस्ट रेंज अफसर के तीन ठिकानों पर एसीबी के छापे, रिकॉर्ड जब्त

Mon, 26 Aug 2019 08:41 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Mon, 26 Aug 2019 08:41 PM IST
विज्ञापन
anti corruption bureau raid three places of forest range officer in kishtwar jammu kashmir
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो - फोटो : फाइल, अमर उजाला
किश्तवाड़ फॉरेस्ट डिविजन के पूर्व रेंज अफसर अल्ताफ हुसैन के खिलाफ बेनामी संपत्ति का केस दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस दर्ज करने के बाद अल्ताफ हुसैन के कई ठिकानोें पर छापा मार कर विभिन्न रिकॉर्ड जब्त किए। अल्ताफ किश्तवाड़ के अखयाराबाद के रहने वाले हैं। यह कार्रवाई ब्यूरो ने अल्ताफ के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के बाद की है। 
विज्ञापन


अल्ताफ का दच्छन सूईद और जम्मू के सुंजवां में अल्ताफ के दो डबल स्टोरी और किश्तवाड़ बस स्टैंड के पास तीन मंजिला घर है। इसके अलावा एक सेंट्रो कार, एक बाइक और एक स्कूटी भी है। ब्यूरो ने जांच में पाया कि अल्ताफ के पास जितनी संपत्ति है वह उसके बैंक खातों से मेल नहीं खाती। 1980 से लेकर 2013 तक अल्ताफ ने अपने कार्यकाल में गैर कानूनी ढंग से मोटी कमाई की। 
विज्ञापन


एंटी करप्शन ब्यूरो के स्पेशल कोर्ट डोडा से सर्च वारंट लेने के बाद सोमवार को ब्यूरो की टीम ने जम्मू के सुंजवां, किश्तवाड़ और डोडा में सर्च की, इसमें कई चेक और पासबुक भी मिली हैं। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। कई और खुलासे ब्यूरो की तरफ से किए जा सकते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 

बेटे की एमबीबीएस सीट के लिए दिए थे 22 लाख

जांच में यह भी सामने आया है कि कश्मीर क्राइम ब्रांच में अल्ताफ और उसके बेटे इम्तियाज उल हुसैन के खिलाफ केस दर्ज है। आरोप है कि अल्ताफ हुसैन ने बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेस एग्जाम में(बीओपीईई) एमबीबीएस की सीट के लिए 22 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। दोनों के खिलाफ बोर्ड आरोप साबित कर चुका है। एक साल पहले ही श्रीनगर के एंटी करप्शन कोर्ट ने बोओपीईई के पूर्व अध्यक्ष मुश्ताक अहमद पीर सहित 43 लोगों को इस मामले में दोषी पाया था और एक करोड़ का जुर्माना करते हुए 16 साल की सजा सुनाई थी। वर्ष 2012 में एमबीबीएस पेपर घोटाला सामने आया था। इस घोटाले में सामने आया था कि कैसे 20 से 22 लाख रुपये में एक-एक एमबीबीएस सीट को बेचा गया था।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed