अंतिम सलाम: आगरा में प्रशिक्षण के दौरान हादसे में जम्मू के अंकुर बलिदान, मार्कोस कमांडो की कर रहे थे ट्रेनिंग
आठ हजार फुट की ऊंचाई से छलांग लगाने के बाद वह नीचे उतरने के दौरान अंकुर का पैराशूट ड्रॉपिंग जोन से भटक गया। पैराशूट में हाईटेंशन लाइन में उलझते ही आग लग गई। इसमें वह जख्मी हो गए थे।
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आगरा के मलपुरा इलाके के ड्रॉपिंग जोन में वीरवार रात 11.30 बजे पैरा ट्रूपिंग के दौरान हादसे में जम्मू के बिश्नाह के रहने वाले अंकुर शर्मा (28) बलिदान हो गए। हवाई जहाज से कूदने के बाद नेवी कमांडो का पैराशूट ड्रॉपिंग जोन से करीब दो किलोमीटर दूर हाईटेंशन लाइन में उलझ गया। एचटी लाइन में फंसने से कमांडो झुलस गए।
धमाका सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और सेना अधिकारियों को सूचित किया। घायल कमांडो को मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका। अंकुर नेवी में मार्कोस कमांडो को तौर पर पैराशूट जंप की ट्रेनिंग के लिए कुछ दिन पूर्व आगरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन आए थे।
वीरवार रात करीब आठ हजार फुट की ऊंचाई से छलांग लगाने के बाद वह नीचे उतर रहे थे। तेज हवा के चलते उनका पैराशूट ड्रॉपिंग जोन से भटक गया। अंधेरा होने के चलते अंकुर कुछ समझ नहीं पाए। इस बीच उनके पैराशूट में हाईटेंशन लाइन में उलझते ही आग लग गई।
पास ही खेतों पर काम कर रहे ग्रामीणों ने घायल जवान की मदद की। सूचना पर पुलिस व सेना के जवानों ने अंकुर को मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया। थाना मलपुरा पुलिस जवान का शव पोस्टमार्टम कराने के बाद सेना को सौंपेगी।
ग्रामीणों ने देखा जलता गुब्बारा
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र सिंह, उनके भाई रूपकिशोर फौजी और हवलदार धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वह ट्यूबवेल पर मौजूद थे। तभी धमाका हुआ और जलते हुए गुब्बारे को गिरते देखा। नजदीक पहुंचे तो इसमें फौजी दर्द से कराह रहा था। कपड़े जल चुके थे। वह बोल नहीं पा रहे थे। हवलदार धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि एचटी लाइन 25 फुट ऊंची थी जहां से वह गिरे।