किश्तवाड़ में प्राचीन मंदिर जलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किश्तवाड़ में मंगलवार को शरारती तत्वों ने मुगल मैदान में एक प्राचीन मंदिर को जलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। मंदिर में आग की सूचना मिलते ही तनाव फैल गया। सुबह से ही मुगल मैदान से लेकर किश्तवाड़ तक धरना प्रदर्शन शुरू हो गए।
जगह-जगह रास्ता जाम कर विरोध प्रदर्शन होने लगे। प्रदर्शन में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग थे। दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रखे गए। तनाव को देखते हुए राज्य मंत्री सुनील शर्मा और आईजी दानेश राणा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए। साथ ही मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग का भी भरोसा दिलाया। डीसी ने बताया कि घटना की जांच के लिए फोरेंसिक विभाग की टीम को भी मौके पर भेजा जाएगा।
मंदिर में लकड़ी का अधिक इस्तेमाल किया गया था
जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर मुगल मैदान तहसील में मेहर नाग देवता का मंदिर है। मंदिर में लकड़ी का अधिक इस्तेमाल किया गया है। मूर्ति काली थी। सरपंच ने तारिक अहंद ने बताया कि रात्रि के समय छानसीरी गांव में पहले दो मकानों में आग लगने की जानकारी मिली थी।
इसके बाद ही इस मंदिर में आग की खबर मिली। इसकी सूचना मुगल मैदान में तैनात सेना के जवानों ने उन्हें दी। उसे बताया गया कि देखो स्कूल में आग लगी है। वह जब घर से बाहर निकले तो देखा कि मंदिर में आग लगी है।
इस पर उसने इलाके के लोगों को बुलाया और आग बुझाने का प्रयास किया, परंतु तब तक मंदिर जल गया था। घटना की सूचना मिलते ही छात्रू मुगल मैदान, डेढपेठ, संगमबती, कुडिया और भंडारकूट में सड़क पर लोगों ने प्रदर्शन किया।
किश्तवाड़ शहर में भी कई जगह टायर फूंक कर लोगों ने बंद कर प्रदर्शन किया और आरोपियों को पकड़ने की मांग की। जिले में तनाव को देखते हुए राज्यमंत्री सुनील शर्मा, आईजी दानेश राणा हेलीकाप्टर से पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।