अनंतनाग-राजोरी: मतदान की तारीख बदलने पर पीडीपी-नेकां में रोष, उमर बोले- भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश
पीडीपी ने कहा कि कुछ भी हो जाए महबूबा मुफ्ती को सांसद जाने से नहीं रोका जा सकता। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों को इससे फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अनंतनाग-राजोरी लोकसभा सीट पर अब मतदान छठे चरण में 25 मई को होंगे। चुनाव आयोग ने इसकी तिथि में बदलाव किया है। पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने इसका विरोध जताया है। पीडीपी ने जीत का दावा करते हुए कहा कि कुछ भी हो जाए महबूबा मुफ्ती को सांसद जाने से नहीं रोका जा सकता। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों को इससे फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'भाजपा और उसके सहयोगियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। वरना चुनाव को टालने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि मुगल रोड वहां तक पहुंचने का सिर्फ एक रास्ता नहीं है। यह पहली बार नहीं है कि चुनाव आयोग भाजपा की मदद कर रहा है, लेकिन वे कुछ भी करें, जितनी चाहें उतनी साजिश कर सकते हैं, इस चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगियों को हार का सामना करना पड़ेगा।'
नेकां के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा, अनंतनाग संसदीय क्षेत्र का पुनर्निर्धारण एक चिंता का विषय है। उन सभी को चिंतित होना चाहिए जो हमारे चुनाव निकायों की स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं। यह परेशान करने वाली बात है कि उन राजनीतिक दलों की राय को भी ध्यान में नहीं रखा गया जो दौड़ में भी नहीं थे। चाहे वे कुछ भी करें, इंशाअल्लाह नेकां यह सीट जीतेगी। बता दें कि नेकां की ओर से मियां अल्ताफ उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं, जिनका मुकाबला पीडीपी की महबूबा मुफ्ती के साथ है।
महबूबा मुफ्ती को पार्लियामेंट जाने से नहीं रोक सकते- पीडीपी
पीडीपी के प्रवक्ता डॉ हरबख्श सिंह ने कहा, दो मुख्य राजनीतिक दल पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन यह एक चाल के तौर पर लिया गया फैसला है। इनको (भाजपा) डर है, यह महबूबा मुफ्ती को रोकना चाहते हैं। महबूबा मुफ्ती एक बेबाक लीडर हैं, उनको वो पार्लियामेंट जाने से नहीं रोक सकते चाहे वो कोई भी कदम उठाएं।
उन्होंने कहा, जिसको चुनाव लड़ना है, जिनको वोट डालने हैं उनको जब कोई परेशानी नहीं है तो आखिर चुनाव की तारीख क्यों बदली गई। मौसम तो हर जगह खराब है और इसको आधार बनाना ठीक नहीं। हम उस मुल्क में रह रहे हैं जिसे एक लोकतांत्रिक देश कहा जाता है, लेकिन यहां के लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
महबूबा मुफ्ती की मीडिया सलाहकार और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा - 'अनंतनाग-राजोरी चुनाव केवल इसलिए स्थगित कर दिया गया क्योंकि उन्हें डर है कि मुफ्ती भारी जीत हासिल करेंगी। केवल इसलिए कि वे संसद में निडर आवाज नहीं चाहते। लेकिन हम इस चुनौती को स्वीकार करते हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि इंशाल्लाह वह बड़े अंतर से जीतें।'