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Earthquake In Ladakh: लद्दाख में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.3 रही तीव्रता
Sun, 18 Jun 2023 10:08 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 18 Jun 2023 10:08 AM IST
सार
लद्दाख के लेह जिले से रविवार को 279 किलोमीटर उत्तर पूर्व में रिक्टर पैमाने पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप सुबह 8 बजकर 28 मिनट पर 10 किमी की गहराई में आया।
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Earthquake
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में रविवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई। सुबह करीब 8:28 पर लेह-लद्दाख से 279 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, रविवार को लद्दाख के लेह जिले से 279 किलोमीटर उत्तर पूर्व में रिक्टर पैमाने पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप सुबह 8 बजकर 28 मिनट पर 10 किमी की गहराई में आया। एनसीएस ने ट्वीट किया कि भूकंप की तीव्रता 4.3 रही। अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, अभी ब्योरे की प्रतीक्षा है।
लद्दाख के लेह में पिछले 24 घंटों में तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रविवार तड़के लद्दाख के लेह जिले से 295 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था।
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नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने ट्वीट किया कि भूकंप देर रात 2:16 बजे 10 किमी की गहराई में आया। इसके अलावा, शनिवार रात भी लद्दाख में रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता का भूकंप रात 9 बजकर 44 मिनट पर आया था।
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नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, रविवार को लद्दाख के लेह जिले से 279 किलोमीटर उत्तर पूर्व में रिक्टर पैमाने पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप सुबह 8 बजकर 28 मिनट पर 10 किमी की गहराई में आया। एनसीएस ने ट्वीट किया कि भूकंप की तीव्रता 4.3 रही। अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, अभी ब्योरे की प्रतीक्षा है।
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लद्दाख के लेह में पिछले 24 घंटों में तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रविवार तड़के लद्दाख के लेह जिले से 295 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था।
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नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने ट्वीट किया कि भूकंप देर रात 2:16 बजे 10 किमी की गहराई में आया। इसके अलावा, शनिवार रात भी लद्दाख में रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता का भूकंप रात 9 बजकर 44 मिनट पर आया था।
An earthquake with a magnitude of 4.3 on the Richter Scale hit 279km North East of Leh, Ladakh at around 8:28 am today: National Center for Seismology pic.twitter.com/uU2DACdEvO
— ANI (@ANI) June 18, 2023
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।