जम्मू-कश्मीर में 12 मार्च से शुरू होगा आजादी का अमृत महोत्सवः बड़े पैमाने पर होगा प्रचार-प्रसार
उपराज्यपाल ने प्रशासनिक सचिवों से कहा कि पूरे उत्साह और धूमधाम से कार्यक्रम होने चाहिए। 75 आदर्श पंचायतों व आदर्श ब्लॉकों की निशानदेही करने के लिए भी कहा।
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देश की आजादी की 75वीं सालगिरह पर जम्मू-कश्मीर में 12 मार्च से अमृत महोत्सव शुरू होगा। यह महोत्सव 75 सप्ताह तक चलेगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक में महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में उपराज्यपाल ने स्वतंत्रता सेनानी व शहीद ब्रिगेडियर राजिंद्र सिंह की जन्मस्थली गांव सांबा जिले के बागूना और मकबूल शेरवानी की जन्मस्थली गांव बारामुला कस्बे को 12 मार्च को कार्यक्रमों के शुभारंभ के लिए चयनित किए जाने की घोषणा की।
मनोज सिन्हा ने प्रशासनिक सचिवों से कहा कि पूरे उत्साह और धूमधाम से कार्यक्रम होने चाहिए। सांस्कृतिक प्रदर्शनी, खादी प्रदर्शनी, डल झील में शिकारा रैली, सेमीनार, साइकिल रैली, योग शिविर, बाइक रैली और अन्य गतिविधियों को आजादी के 75वें साल के कार्यक्रमों में शामिल करने के निर्देश भी दिए।
उपराज्यपाल ने प्रशासनिक सचिवों को 75 आदर्श पंचायतों व आदर्श ब्लॉकों की निशानदेही करने के लिए भी कहा। उन्होंने निर्वाचित जन प्रतिनिधियों, युवाओं, स्कूली विद्यार्थियों, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों, एनजीओ, सिविल सोसायटी और समाज के सभी वर्गों को राष्ट्रीय महोत्सव में शामिल करने का भी आह्वान किया।
उपराज्यपाल ने मेगा समारोह के बड़े पैमाने पर प्रचार करने पर जोर दिया
उपराज्यपाल ने मेगा समारोह के बड़े पैमाने पर प्रचार करने पर जोर दिया और संबंधित अधिकारियों को विभिन्न ऑनलाइन और ऑफलाइन मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा। सभी विभागों को निर्देश दिया कि वह 75 सप्ताह की गतिविधियों के लिए कैलेंडर तैयार कर कार्य योजना बनाए। सभी जिलों को कार्यक्रमों में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि 12 मार्च से ही दांडी मार्च की सालगिरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्तर पर आजादी के अमृत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। देश भर में विश्व गुरु भारत, भारती की स्मृद्ध संस्कृति और विरासत, आत्मनिर्भर आदि थीम पर बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा।