शाह के दरबार में पहुंचा महबूबा सरकार के मंत्रीमंडल का बंटवारा
- भाजपा मंत्रीमंडल कुछ नयी जिम्मेदारियां चाह रही है। जिसको लेकर पीडीपी और भाजपा में लगातार तकरार बढ़ रही है।
- भाजपा महबूबा सरकार में चाहती है कि गृह मंत्रालय के अलावा योजना और विकास व वित्त मंत्रालय इस बार उनको मिले।
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राज्यपाल एनएन वोहरा के पीडीपी-भाजपा का सरकार गठन का न्यौता दिए जाने के बाद से भाजपा और पीडीपी के बीच मंत्रीमंडल के बंटबारे को लेकर पेंच लगातार फंसता चला जा रहा है।
दोनों ही पार्टियों के बीच मंत्रीमंडल के बंटबारा दिल्ली के दरबार में पहुंच गया है। पीडीपी नेता तारिक हमीद कर्रा और मुज्फ्फर हुसैन बेग इसके लिए दिल्ली पहुंचे हुए हैं। जल्द ही मंत्रीमंडल के बंटबारे को लेकर अमित शाह से मुलाकात करने वाले हैं।
मुज्फ्फर हुसैन बेग भाजपा महासचिव राम माधव से मिलकर मंत्रालयों के बंटबारे के लेकर चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा मंत्रीमंडल कुछ नयी जिम्मेदारियां चाह रही है। जिसको लेकर पीडीपी और भाजपा में लगातार तकरार बढ़ रही है।
नई सरकार में गृह मंत्रालय चाहती है भाजपा
गौरतलब है कि मुफ्ती सरकार में पीडीपी के खाते में 11 कैबिनेट मंत्रालय और भाजपा को केवल 6 कैबिनेट मंत्रालय मिले थे। हांलाकि बाद में भाजपा के दो और विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाने पर यह संख्या आठ हो गई थी।
भाजपा महबूबा सरकार में चाहती है कि गृह मंत्रालय के अलावा योजना और विकास व वित्त मंत्रालय इस बार उनको मिले। जिसको लेकर पीडीपी तैयार नहीं है। भाजपा के तर्क है कि सरकार में उनके पास विधायकों की संख्या पीडीपी से अधिक है फिर भी मुख्यंमंत्री पद पीडीपी को दिया गया।
आपको बता दे कि भाजपा के पास पास फिलहाल 28 विधायक हैं। इनमें पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद अमहद लोन और एक निर्दलीय विधायक पवन कुमार गुप्ता शामिल हैं।