Amarnath Yatra: बालटाल आधार शिविर में भक्तों के लिए 100 बेड वाला अस्पताल शुरू, LG सिन्हा ने किया शुभारंभ
वार्षिक अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होने जा रही है। इसके लिए 28 जून, शुक्रवार को जम्मू शहर के भगवती नगर आधार शिविर से तीर्थयात्रियों का जत्था कश्मीर घाटी के लिए रवाना होगा।
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बाबा अमरनाथ के भक्तों के लिए आधार शिविर बालटाल में 100 बेड वाला अस्पताल शुरू हो गया है। मंगलवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसका शुभारंभ किया। वार्षिक अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होने जा रही है। इसके लिए 28 जून, शुक्रवार को जम्मू शहर के भगवती नगर आधार शिविर से तीर्थयात्रियों का जत्था कश्मीर घाटी के लिए रवाना होगा।
उपराज्यपाल ने मध्य कश्मीर के गंदरबल जिले में अमरनाथ यात्रा के बालटाल बेस कैंप का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां पर तीर्थयात्रियों को दिए जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था, मार्ग तथा तीर्थयात्री शिविर में दवाइयों, ऑक्सीजन, पानी, भोजन, स्वच्छता और दूरसंचार कनेक्टिविटी सहित विभिन्न सुविधाओं पर उन्होंने जानकारी ली।
#WATCH | Baltal: J&K Lieutenant Governor Manoj Sinha inaugurated a 100-bed hospital at Baltal base camp to provide medical facilities to the pilgrims of the annual Shri Amarnathji Yatra. pic.twitter.com/7E3jydvlBM
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 25, 2024
पवित्र गुफा के लिए यात्रा दो मार्गों से पूरी की जाती है। इसका पहला मार्ग पहलगाम से शुरू होता है और दूसरा सोनमर्ग के बालटाल से। बालटाल आधार शिविर से पवित्र गुफा की दूरी करीब 14 किलोमीटर है। वहीं, पहलगाम आधार शिविर से पवित्र गुफा की दूरी करीब 28 किलोमीटर है। यह रास्ता बालटाल के मुकाबले में कम कठिन माना जाता है। इस यात्रा को पैदल या फिर घोड़े या पिट्ठू की मदद से पूरा किया जाता है।
आपात स्थिति में अमरनाथ यात्रियों को सहायता देंगी सुरक्षाबलों की 38 टीमें
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था विजय कुमार ने एसडीआरएफ जम्मू-कश्मीर, जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस, एनडीआरएफ, बीएसएफ और सीआरपीएफ की माउंटेन रेस्क्यू टीमों (एमआरटी) के साथ समीक्षा बैठक की। एमआरटी में सशस्त्र पुलिस की 13 टीमें, एसडीआरएफ की 11, एनडीआरएफ की आठ, बीएसएफ की चार और सीआरपीएफ की दो टीमें शामिल हैं।
बैठक में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर मंथन हुआ। एडीजीपी ने टीमों को कर्तव्यों की जानकारी दी और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। प्रत्येक टीम के साथ उनके उपकरणों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया। उन्होंने माउंटेन रेस्क्यू टीमों के कपड़ों की वॉटरप्रूफिंग और जवानों की फिटनेस पर ध्यान दिया।
एडीजीपी ने टीमों को प्रशिक्षण के अनुसार पेशेवर कौशल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि उनकी सेवा न केवल महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है बल्कि तीर्थयात्रियों की सहायता नेक कार्य भी है। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में हुई हालिया जीएलओएफ (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड) घटनाओं के प्रति भी टीमों को जागरूक किया।