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Jammu News: अमरनाथ यात्रा में छोटे बच्चों को संभाल रही यूपी की संस्था, अब तक 50 की कर चुकी देखभाल
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-उत्तर प्रदेश के कानपुर की शिव सेवक समीति ने की पहली बार अनूठी पहल
-13 साल और इससे कम उम्र के बच्चों को गुफा तक ले जाने की है मनाही
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा के दौरान 13 साल और इससे कम उम्र के बच्चों को साथ नहीं ले जा पाने वाले अभिभावकों को शिव सेवक समिति कानपुर (उत्तर प्रदेश) बड़ी राहत दे रही है। समिति ने अमरनाथ यात्रा के पहले पड़ाव बालटाल के दोमेल में लंगर सेवा के साथ पहली बार निशुल्क चाइल्ड केयर सुविधा शुरू की है। यात्रा शुरू होने से अब तक समिति 50 के करीब बच्चों की देखभाल कर चुकी है। इस सुविधा से सैकड़ों अभिभावकों को राहत मिली है।
समिति के प्रधान रत्नेश वर्मा ने बताया कि उनका भंडारा दोमेल गेट के पास ही है। पिछले साल उन्होंने कई ऐसी घटनाएं देखीं, जब अभिभावकों में से किसी एक को अपने बच्चों की उम्र 13 साल से कम होने के चलते आधार शिविर पर ही रुकना पड़ा। इसके अलावा वर्ष 2023 में बालटाल आधार शिविर के कैंप डायरेक्टर ने कुछ बच्चों को उनके पास भेजा था। इस घटना के बाद से ही उनके मन में चाइल्ड केयर सुविधा शुरू करने का विचार आया। रत्नेश ने बताया कि कैंप डायरेक्टर के कहने पर बच्चों की देखभाल करने हमें अच्छा लगा। इस बार हमने उपायुक्त गांदरबल से इसके लिए अनुमति मांगी, तो उन्होंने अनुमति दे दी।
बच्चों के मनोरंजन के लिए हर प्रकार की सुविधा
पहली बार शुरू की गई इस सुविधा में उन्होंने बच्चों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। रोजाना औसतन 10 से अधिक बच्चे उनके कैंप में देखभाल के लिए छोड़े जा रहे हैं। हमने बच्चों के लिए अलग से 400 वर्ग फुट का विशेष कमरा तैयार किया है। वहां जंपिंग बंजी, कैरम बोर्ड, वीडियो गेम्स आदि सुविधाएं दी गई हैं। ज्यादा छोटे बच्चों के लिए सेरेलेक, चोको और बड़े बच्चों के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया है। बच्चों की देखभाल के लिए तीन आया (महिला सेवक) रखी हैं।
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अच्छा प्रयास, लोगों को लाभ मिल रहा
दिल्ली से आई उपमिता शर्मा ने बताया कि वह बच्चों के साथ यहां आई हैं। एक बेटी 17 वर्ष की है और दूसरी 12 वर्ष की। छोटी बेटी को हम गुफा तक नहीं ले जा सके। पहले हमने सोचा था कि कुछ सदस्य यात्रा पर जाएंगे और कुछ यात्रा की तिथि बदलवा लेंगे लेकिन दोमेल गेट पर एक पुलिसकर्मी ने हमें चाइल्ड केयर सुविधा के बारे में बताया। हमने बच्ची को यहीं पर छोड़कर यात्रा पूरी की। यह एक अच्छा प्रयास है जिससे उनके जैसे कई लोगों को लाभ मिलेगा।
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-13 साल और इससे कम उम्र के बच्चों को गुफा तक ले जाने की है मनाही
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा के दौरान 13 साल और इससे कम उम्र के बच्चों को साथ नहीं ले जा पाने वाले अभिभावकों को शिव सेवक समिति कानपुर (उत्तर प्रदेश) बड़ी राहत दे रही है। समिति ने अमरनाथ यात्रा के पहले पड़ाव बालटाल के दोमेल में लंगर सेवा के साथ पहली बार निशुल्क चाइल्ड केयर सुविधा शुरू की है। यात्रा शुरू होने से अब तक समिति 50 के करीब बच्चों की देखभाल कर चुकी है। इस सुविधा से सैकड़ों अभिभावकों को राहत मिली है।
समिति के प्रधान रत्नेश वर्मा ने बताया कि उनका भंडारा दोमेल गेट के पास ही है। पिछले साल उन्होंने कई ऐसी घटनाएं देखीं, जब अभिभावकों में से किसी एक को अपने बच्चों की उम्र 13 साल से कम होने के चलते आधार शिविर पर ही रुकना पड़ा। इसके अलावा वर्ष 2023 में बालटाल आधार शिविर के कैंप डायरेक्टर ने कुछ बच्चों को उनके पास भेजा था। इस घटना के बाद से ही उनके मन में चाइल्ड केयर सुविधा शुरू करने का विचार आया। रत्नेश ने बताया कि कैंप डायरेक्टर के कहने पर बच्चों की देखभाल करने हमें अच्छा लगा। इस बार हमने उपायुक्त गांदरबल से इसके लिए अनुमति मांगी, तो उन्होंने अनुमति दे दी।
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बच्चों के मनोरंजन के लिए हर प्रकार की सुविधा
पहली बार शुरू की गई इस सुविधा में उन्होंने बच्चों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। रोजाना औसतन 10 से अधिक बच्चे उनके कैंप में देखभाल के लिए छोड़े जा रहे हैं। हमने बच्चों के लिए अलग से 400 वर्ग फुट का विशेष कमरा तैयार किया है। वहां जंपिंग बंजी, कैरम बोर्ड, वीडियो गेम्स आदि सुविधाएं दी गई हैं। ज्यादा छोटे बच्चों के लिए सेरेलेक, चोको और बड़े बच्चों के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया है। बच्चों की देखभाल के लिए तीन आया (महिला सेवक) रखी हैं।
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अच्छा प्रयास, लोगों को लाभ मिल रहा
दिल्ली से आई उपमिता शर्मा ने बताया कि वह बच्चों के साथ यहां आई हैं। एक बेटी 17 वर्ष की है और दूसरी 12 वर्ष की। छोटी बेटी को हम गुफा तक नहीं ले जा सके। पहले हमने सोचा था कि कुछ सदस्य यात्रा पर जाएंगे और कुछ यात्रा की तिथि बदलवा लेंगे लेकिन दोमेल गेट पर एक पुलिसकर्मी ने हमें चाइल्ड केयर सुविधा के बारे में बताया। हमने बच्ची को यहीं पर छोड़कर यात्रा पूरी की। यह एक अच्छा प्रयास है जिससे उनके जैसे कई लोगों को लाभ मिलेगा।