Amarnath Yatra 2023: शिवभक्तों को लखनपुर से कश्मीर तक मिलेंगी चिकित्सा सुविधाएं, बालटाल में अस्पताल स्थापित
प्रवेशद्वार लखनपुर से लेकर कश्मीर तक चिकित्सा सेवाओं के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। बालटाल और चंदनबाड़ी में 100-100 बिस्तर वाले चौबीस घंटे चलने वाले अस्पताल स्थापित किए हैं।
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श्री अमरनाथ यात्रा 2023 की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। देश दुनिया से आने वाले शिवभक्तों को सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इसके लिए प्रवेशद्वार लखनपुर से लेकर कश्मीर तक चिकित्सा सेवाओं के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। बालटाल और चंदनबाड़ी में 100-100 बिस्तर वाले चौबीस घंटे चलने वाले अस्पताल स्थापित किए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा देखभाल और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जम्मू कश्मीर को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
भू जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किए गए इंतजाम
स्वास्थ्य मंत्री को बेस कैंप और यात्रा मार्ग पर उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा देखभाल व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तीर्थ यात्रियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी जाए। अमरनाथ यात्रा में भू जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ही चिकित्सा प्रबंध किए गए हैं।
अस्पताल में क्या क्या सुविधाएं होंगी
बालटाल और चंदनबाड़ी में डीआरडीओ द्वारा स्थापित किए गए अस्पताल श्रद्धालुओं के लिए कारगर साबित होंगे। इन अस्पतालों में यात्रा के लिए तैनात कर्मचारियों की आवास सुविधाएं भी शामिल होंगी। इनमें लैब, रेडियो डायग्नोसिस, स्त्री रोग, आईसीयू, हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर सहित निदान और उपचार की सभी सुविधाएं होंगी। ये अस्पताल एक स्वतंत्र ट्रामा यूनिट के साथ विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा संचालित होंगे।
11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से चिकित्सा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति
डीजीएचएस (एमओएचएफडब्ल्यू) ने 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के अस्पतालों से नामांकन मांगकर स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति शुरू की है। इन टीमों को 4 बैच/शिफ्ट में तैनात किया जाएगा।
प्रतिनियुक्ति के लिए चुने गए डाक्टरों/पैरामेडिक्स की क्षमता का निर्माण उच्च ऊंचाई की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों और आपात स्थिति के प्रबंध पर यूटी के साथ समन्वय में एमओएचएफडब्ल्यू द्वारा किया जा रहा है। डीटीईजीएचएस इस वर्ष की यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए मौजूदा स्थानीय चिकित्सा बुनियादी ढांचे/सुविधाओं और अस्थायी अस्पतालों का आन साइट मूल्यांकन कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से तीर्थ यात्रियों को जागरूकता संबंधी सलाह दी जा रही है। उच्च ऊंचाई वाली आपात स्थितियों के चिकित्सा प्रबंधन के लिए एसओपी तैयार की गई है।