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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Amarnath Yatra 2023: Deployment of 70,000 jawans from Lakhanpur to Holy Cave, Z plus security for devotees

Amarnath Yatra 2023: लखनपुर से पवित्र गुफा तक 70 हजार जवानों की तैनाती, यात्रियों को जेड प्लस जैसी सुरक्षा

Thu, 29 Jun 2023 03:22 AM IST
विमल शर्मा अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 29 Jun 2023 03:22 AM IST
सार

Amarnath Yatra 2023: इस वर्ष यात्रा 62 दिन की है। इसे देखते हुए सुरक्षाबलों की 700 कंपनियां यात्रा के लिए लगाई गई हैं। अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों को श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग और यात्रा के दोनों मार्गों, दक्षिण कश्मीर में पारंपरिक पहलगाम मार्ग और मध्य कश्मीर में सबसे छोटे बालटाल मार्ग पर तैनात किया गया है।

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Amarnath Yatra 2023: Deployment of 70,000 jawans from Lakhanpur to Holy Cave, Z plus security for devotees
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए कश्मीर में तैनात जवान - फोटो : ANI

विस्तार

श्री अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू होने जा रही है। इसके लिए अचूक सुरक्षा कवच तैयार कर लिया गया है। जमीन से आसमान तक भक्तों की निगरानी होगी। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 70 हजार जवानों को लखनपुर से पवित्र गुफा तक तैनात किया गया है। नाइट विजन यंत्र, स्नाइपर्स, ड्रोन सिस्टम, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और काउंटर-आईईडी उपकरण बहुस्तरीय निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होगी।

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इस वर्ष यात्रा अवधि 62 दिन की है। इसे देखते हुए सुरक्षाबलों की 700 कंपनियां यात्रा के लिए लगाई गई हैं। अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों को श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग और यात्रा के दोनों मार्गों, दक्षिण कश्मीर में पारंपरिक पहलगाम मार्ग और मध्य कश्मीर में सबसे छोटे बालटाल मार्ग पर तैनात किया गया है।
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दोनों मार्गों पर अर्धसैनिक बल के वाहन यात्रा काफिलों की सुरक्षा करेंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के काफिलों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिन और रात की गश्त की जाएगी। वाहन मरम्मत और रिकवरी टीमों के माध्यम से रात्रि कालीन क्षेत्र पर नियंत्रण सहित अन्य बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा के दौरान सेना के हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी हवाई निगरानी करेंगे।

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मार्गों पर तैनात किए गए हैं बचाव दल 

सेना ने आपातकालीन एयरलिफ्टिंग सेवाओं की भी व्यवस्था की है। पिछले साल यात्रा के दौरान बादल फटने से 15 यात्रियों की मौत के बाद किसी भी प्रकार की आपदा को कम करने के लिए मार्ग पर नागरिक बचाव दल और हिमस्खलन बचाव दल को व्यवस्थित रूप से तैनात किया गया है। इसके अलावा एसडीआरएफ का 30 सदस्यीय पर्वतारोही बचाव दल भी बालटाल और पहलगाम रूट पर तैनात किया गया है।

पुलिस के 100 राजपत्रित अफसर करेंगे निगरानी

यात्रा की सुरक्षा को लेकर पुलिस के एडीजीपी से लेकर डीएसपी रैंक के 100 अफसरों को तैनात किया गया है। यह अधिकारी पल पल सुरक्षा बंदोबस्त की निगरानी करेंगे और इन्हीं के नेतृत्व में सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा एजेंसियों के कुछ अन्य अफसर भी तैनात हैं।



केंद्रीय गृह मंत्रालय सीधे तौर पर यात्रा का अपडेट  लेगा। लखनपुर, कुंजवानी में यातायात पुलिस की ओर से एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। जिस पर अमरनाथ यात्रा रूट और नेशनल हाइवे के हाल की जानकारी मिलेगी। इस स्क्रीन पर बताया जाएगा कि हाइवे खुला है या बंद। यात्री इसके आधार पर ही अपने सफर को तय करें।

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